जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की इमरान मसूद की अपील, बोले- शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने उत्तर प्रदेश सरकार से रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा का केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से सुझाव दिया कि यदि निर्माण से जुड़ी कोई आपत्ति है तो उसका समाधान नियमों के तहत किया जाए, लेकिन तैयार शैक्षणिक ढांचे को नुकसान न पहुंचाया जाए।

शनिवार को सहारनपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इमरान मसूद ने कहा, "शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए।" उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि सरकार चाहे तो विश्वविद्यालय में अपना प्रशासक नियुक्त कर सकती है और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर सकती है, लेकिन छात्रों के भविष्य को देखते हुए विश्वविद्यालय को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

कांवड़ यात्रा को लेकर सामाजिक सौहार्द की अपील

कांवड़ यात्रा के मुद्दे पर भी इमरान मसूद ने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों को मिल-जुलकर त्योहार मनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वह किसी एक जाति या धर्म के नहीं, बल्कि सभी वर्गों और सभी धार्मिक स्थलों के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं।

सहारनपुर मस्जिद विवाद पर उठाए सवाल

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद विवाद को लेकर सांसद ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित जमीन का मालिकाना हक अभी भी वाहिद खां और याकूब खां के नाम दर्ज है। इमरान मसूद ने कहा कि पुराने समय में इन्हीं लोगों ने कलेक्ट्रेट और कोषागार निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी, जबकि मस्जिद का निर्माण अपनी मूल भूमि पर ही हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद के अस्तित्व को साबित करने के लिए वर्ष 1911 का बिजली बिल समेत कई दस्तावेज मौजूद हैं।

कानूनी प्रक्रिया पर जताया भरोसा

कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी भी संपत्ति से बेदखली की कार्रवाई से पहले सरकारी स्वामित्व को कानूनी रूप से साबित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामित्व से जुड़ा विवाद न्यायालय में तय होगा और सभी पक्षों को कानून एवं संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच के बाद उचित फैसला सामने आएगा।

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