World Cup Final 2026 : अर्जेंटीना-स्पेन की जंग में बारिश बन सकती है गेमचेंजर, पिच को लेकर प्लेयर्स में क्यों है विवाद
अमेरिका। विश्व कप का फाइनल जितना रोमांचक होने वाला है, उतनी ही चर्चा उस मैदान की हो रही है जहां खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड स्थित मिडोलैंड्स स्टेडियम की पिच टूर्नामेंट शुरू होने के बाद से ही खिलाड़ियों और कोचों के बीच बहस का विषय बनी हुई है। अब जब रविवार को इसी मैदान पर अर्जेंटीना और स्पेन विश्व कप ट्रॉफी के लिए आमने-सामने होंगे, तो पिच का मिजाज भी मुकाबले का अहम फैक्टर बन सकता है।
इस टर्फ को लेकर खिलाड़ियों की राय एक जैसी नहीं रही है। ब्राजील के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने इस मैदान की सतह को लेकर नाराजगी जताई थी और कहा था कि यह टीम के लिए मददगार नहीं है। वहीं फ्रांस के कोच डिडियर डेशचैम्प्स ने इसे "विशेष" बताया, लेकिन उनका इशारा भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं था। हालांकि, नॉर्वे के कोच स्टोले सोलबक्केन की राय इससे अलग रही। शुरुआत में उन्होंने पिच को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन मैच के बाद उनका कहना था कि मैदान उम्मीद से बेहतर निकला।
बारिश ने बदला मैदान का खेल
इस पिच की सबसे बड़ी कहानी मौसम रहा है। खिलाड़ियों और कोचों का मानना है कि बारिश के बाद यह सतह खेलने के लिए ज्यादा बेहतर हो जाती है। नॉर्वे के कोच सोलबक्केन ने कहा कि बारिश के कारण गेंद तेजी से चलने लगी और खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर मौका मिला। उन्होंने कहा कि सूखी स्थिति में छोटी और सख्त घास वाली यह पिच गेंद को नियंत्रित करना मुश्किल बना सकती है, लेकिन बारिश के बाद इसका व्यवहार बदल जाता है।
कृत्रिम नहीं, हाइब्रिड टर्फ पर होगा फाइनल
मिडोलैंड्स स्टेडियम की सतह पूरी तरह कृत्रिम टर्फ नहीं है। इसमें प्राकृतिक घास के साथ कृत्रिम फाइबर मिलाए गए हैं ताकि मैदान ज्यादा टिकाऊ रहे और खेल के दौरान घास खराब न हो। फीफा ने इस टर्फ को तैयार करने में कई वर्षों तक काम किया है। संगठन के अनुसार, खिलाड़ियों की सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए मैदान की तैयारी की गई है।
फाइनलिस्ट टीमों के लिए नई चुनौती
दिलचस्प बात यह है कि फाइनल में पहुंची दोनों टीमें अर्जेंटीना और स्पेन ने टूर्नामेंट में अब तक इस मैदान पर कोई मुकाबला नहीं खेला है। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए यह सतह एक नई चुनौती होगी।
