लखनऊ : बिजली सुधार कार्य में लापरवाही, दो फर्म ब्लैकलिस्ट, दो साल तक नहीं डाल सकेंगी टेंडर

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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लखनऊ, अमृत विचार : राजधानी में बिजली सुधार कार्य में लापरवाही बरतने पर दो निजी फर्मों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने दोनों फर्मों को ब्लैकलिस्ट करते हुए अगले दो वर्षों तक किसी भी वितरण निगम के टेंडर में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही उनकी 10-10 प्रतिशत जमानत धनराशि भी जब्त कर ली गई है।

यह कार्रवाई निगम के निदेशक (तकनीकी) हरीश बंसल के निर्देश पर की गई। अमौसी जोन के मुख्य अभियंता राम कुमार ने लापरवाही के आधार पर दोनों फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई। ब्लैकलिस्ट की गई फर्मों में लखनऊ स्थित कलश एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और आगरा की स्टर्न इंफ्राटेक शामिल हैं। 27 अप्रैल को जारी आदेश के तहत दोनों कंपनियों को औपचारिक रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया।

मोहलत के बावजूद पूरा नहीं किया काम
मुख्य अभियंता के अनुसार, बिजनेस प्लान 2024-25 के तहत दोनों फर्मों को एक-एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के बिजली सुधार कार्य दिए गए थे। अनुबंध के बावजूद तय समय में काम पूरा नहीं किया गया। विभाग की ओर से चेतावनी पत्र जारी कर अतिरिक्त समय भी दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

गर्मी में उपभोक्ताओं को हुई परेशानी
अधिकारियों ने बताया कि सुधार कार्य अधूरा रहने से गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था। उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए समय पर कार्य पूरा करना जरूरी था, लेकिन फर्मों की लापरवाही के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई।

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