'अपार प्लस’ से छात्रों को मिल रही डिजिटल पहचान, 2.68 करोड़ आईडी जनरेट
30 जून तक मिशन मोड अभियान, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और ट्रैकिंग होगी मजबूत
लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में ‘अपार प्लस’ (एपीएएआर) मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस योजना के तहत अब तक 2.68 करोड़ से अधिक छात्रों की अपार आईडी जनरेट की जा चुकी है। 11 अप्रैल से शुरू हुआ यह अभियान 30 जून 2026 तक मिशन मोड में चलाया जा रहा है, जिसमें कुल 4.24 करोड़ छात्रों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित है।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि ‘अपार प्लस’ के माध्यम से हर छात्र को एक यूनिक डिजिटल पहचान दी जा रही है, जिससे उसकी पढ़ाई, उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक प्रगति का पूरा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि अपार आईडी आधार से लिंक होने के कारण छात्र की पहचान प्रमाणित रहती है। स्कूल बदलने की स्थिति में भी छात्र का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड स्वतः ट्रांसफर हो जाता है, जिससे डेटा की निरंतरता बनी रहती है। इससे ड्रॉपआउट और फर्जी नामांकन की पहचान भी आसान होगी।
तेजी से बढ़ रही कवरेज
अब तक 63 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। सरकारी स्कूलों में 82 प्रतिशत से अधिक छात्रों को इस प्रणाली से जोड़ा जा चुका है, जबकि सहायता प्राप्त विद्यालयों में 74.84 प्रतिशत, निजी विद्यालयों में 50.54 प्रतिशत और अन्य श्रेणियों में 46.97 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। हर शनिवार टारगेटेड सेचुरेशन कैंप आयोजित किए जा रहे हैं और जिला व ब्लॉक स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है।
