योगी सरकार की आगुवाई में यूपी बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब, निर्यात में बड़ी छलांग की तैयारी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की उद्योग प्रोत्साहन नीतियों और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल के चलते मेरठ देश के स्पोर्ट्स इक्विपमेंट सेक्टर का मजबूत केंद्र बनकर तेजी से उभर रहा है। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट में भी इस बात पर जोर दिया गया है कि पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टरों को आधुनिक तकनीक और नीतिगत समर्थन मिलने पर भारत वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी कई गुना बढ़ा सकता है। 

मेरठ लंबे समय से स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख हब रहा है। यहां 250 से अधिक निर्यात इकाइयों, 1,000 से ज्यादा घरेलू इकाइयों, 4,000 से अधिक सूक्ष्म उद्यमों और करीब 20,000 घरेलू उत्पादन इकाइयों का मजबूत नेटवर्क है। क्रिकेट बैट, फुटबॉल, बॉक्सिंग ग्लव्स और जिम उपकरण जैसे उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्माण होता है। अब सरकार इन पारंपरिक ताकतों को आधुनिक औद्योगिक ढांचे से जोड़कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है। प्रदेश सरकार ने मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष ध्यान दिया है। 

बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सुविधाओं ने निर्यात को सरल और तेज बनाया है। साथ ही एमएसएमई सेक्टर को वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन और स्किल डेवलपमेंट से जोड़कर उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। केंद्र सरकार के बजट 2026 में स्पोर्ट्स गुड्स सेक्टर के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान और पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण पर जोर इस क्षेत्र के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है। राज्य सरकार सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश-अनुकूल नीतियों के जरिए उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रही है। 

रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट निर्यात में भारत की हिस्सेदारी फिलहाल लगभग 0.5 प्रतिशत है, जिसे 2036 तक बढ़ाकर 11 प्रतिशत (करीब 8.1 बिलियन डॉलर) करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि कच्चे माल की लागत, आयात शुल्क और तकनीकी चुनौतियां अभी भी बाधा बनी हुई हैं, लेकिन सरकार इनके समाधान की दिशा में काम कर रही है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के लिए लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहे हैं। 

जेवर एयरपोर्ट और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब के विकसित होने से निर्यात लागत में कमी आएगी और सप्लाई चेन अधिक प्रभावी बनेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से मेरठ जैसे पारंपरिक क्लस्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। ट्रांजिट समय घटेगा, लागत कम होगी और उत्पाद वैश्विक बाजार में तेजी से पहुंच सकेंगे। साथ ही नोएडा क्षेत्र में बड़ी औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी सप्लाई चेन को और मजबूत कर रही है। 

आने वाले वर्षों में कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और संभावित ओलंपिक्स खेल 2036 जैसे बड़े आयोजनों के चलते स्पोर्ट्स इक्विपमेंट की मांग में तेजी आने की संभावना है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ-नोएडा बेल्ट, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। सरकार की योजनाओं, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते निवेश के साथ उत्तर प्रदेश अब वैश्विक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट बाजार में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।  

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