लखनऊ : स्वस्थ समाज से ही बनेगा सशक्त भारत, दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से रोकें-सीएम योगी 

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Published By Anjali Singh
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अमृत विचार : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज बनकर हम विकसित भारत की परिकल्पना साकार कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि बीमारू नागरिक, समाज और देश, सशक्त नहीं हो सकता। दिल की बीमारी गंभीर है। हार्ट जब ब्लॉक होता है तो दूसरे लोक की यात्रा शुरू हो जाती है। इसलिए दिल के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखना है। इसमें डॉक्टरों की भूमिका काफी अहम है। सरकार तो अपने स्तर पर काम कर ही रही है। लेकिन एक आम नागरिक के बारे में सोचकर अपनी भूमिका के निर्वहन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का हम आह्वान करते हैं। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित NIC को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क का काम तेजी के साथ चल रहा है। हमारी कोशिश ये है कि हर व्यक्ति को अच्छी और सस्ती दवाएं मिलें। इलाज सस्ता और आसान बने। 

लेकिन इसी के साथ सीएम ने आम नागरिकों से अपने लाइफस्टाइल में बदलाव की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिनचर्या के लिए बड़े जागरुकता अभियान चलाए बिना दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से नहीं रोका जा सकता। आखिर कितना उपचार करेंगे। प्राइवेट अस्पतालों तो ये संभव है। लेकिन सरकारी अस्पतालों की भीड़ देखिए। केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना 12 से 14 हजार मरीज आते हैं। इसी तरह एम्स दिल्ली में लगभग 16 हजार। 

इतनी भारी भीड़ को आखिर डॉक्टर कितना वक्त दे पाते होंगे। इसलिए जरूरी है कि हम स्वस्थ दिनचर्या को फॉलो करें। व्यायाम करें। मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करें। ये सबसे बड़ी बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। आज लोग औसतम 4 से 6 घंटा मोबाइल को देते हैं। देर रात तक जागना और फिर सुबह में देर से उठना। ये सब शरीर को बीमारी की तरफ ले जाता है। 

सीएम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी चिंता जताने के साथ सख्ती का संदेश दिया है। एक जनपद का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने वहां एक प्रतिष्ठान पर छापा डलवाया। वो प्रतिष्ठान रोजाना सैकड़ों कुंतल खोया और पनीर उपलब्ध कराने की क्षमता रखता था। तब, जब उसके पास कोई डेयरी नहीं थी। आखिर जांच में बड़ी मिलावट पकड़ी गई। 

हालात ये हैं कि आप जो खाद्य पदार्थ इस्तेमाल कर रहे हैं-उसमें कितनी मिलावट है, आप भी नहीं जानते होंगे। तो हम सबका सामूहिक प्रयास ये होना चाहिए कि हम समाज के बारे में सोचें। अच्छा और स्वस्थ समाज बनाएं। बीमारियों से बचें। डॉक्टर इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। अपने स्तर पर लोगों को दिनचर्या बदलने के लिए प्रेरित करें।

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