Sitapur News: बेमौसम बारिश से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता
सीतापुरः सीतापुर जिले के कृषकों और बटाईदार किसानों के सामने इस बार गेहूं की फसल को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। असमय वर्षा के कारण खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल भीग गई, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। दाने सिकुड़ गए हैं, कई जगह काले पड़ गए हैं और पोषक तत्वों में भी कमी आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसानों के लिए मंडियों में गेहूं बेचना मुश्किल होता जा रहा है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उदय प्रताप सिसोदिया ने बताया कि बारिश से गेहूं का दाना कमजोर हो गया है। खरीद मानकों में ताल (रिलैक्सेशन) देने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि 50 से 60 प्रतिशत तक प्रभावित गेहूं को खरीदने की छूट मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि विदेशों में निर्यात होने वाला गेहूं उच्च गुणवत्ता का होता है, लेकिन इस बार बारिश से प्रभावित फसल के कारण निर्यात की संभावना भी कम होती जा रही है। भीगने के बाद सुखाए गए गेहूं में चमक खत्म हो जाती है, दाने छोटे पड़ जाते हैं और गुणवत्ता घट जाती है। विपणन विभाग के अनुसार, ऐसे गेहूं में 50 से 70 प्रतिशत तक पोषक तत्वों की कमी की आशंका है। सामान्य रूप से गेहूं में लगभग 78 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 15 प्रतिशत प्रोटीन के साथ मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस, पोटेशियम, जिंक सहित अन्य खनिज लवण पाए जाते हैं।
अधिकारी ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई में भी ऐसे गेहूं की खरीद का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे सरकारी खरीद प्रभावित होने की संभावना है। किसानों की इस गंभीर समस्या से शासन को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही शासन की टीम सीतापुर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी और गेहूं की गुणवत्ता तथा पोषक तत्वों की कमी का सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सरकारी खरीद केंद्रों पर मानकों में छूट तय किए जाने की संभावना है।
