Ayodhya News: बैलेंस चुकता फिर भी नहीं बहाल हुई सप्लाई, कर्मी बोले 100 रुपए एक्स्ट्रा डालो, तब होगी चालू

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Published By Muskan Dixit
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प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा संकट, ऊपर से अब चेक मीटर लगाने जा रहा पावर कॉर्पोरेशन

अयोध्या, अमृत विचार : पावर काॅर्पोरेशन के प्री-पेड मीटर अब आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा संकट बनते जा रहे हैं। हद यह है कि मात्र मामूली बकाए पर ही उपभोक्ताओं की बिजली कट जा रही है। इससे अनजान उपभोक्ता जब स्थानीय विद्युत उप केन्द्र की शरण ले रहे हैं तो बकाए के साथ अतिरिक्त धनराशि डालने पर ही सप्लाई चालू हो रही है।

ऐसा ही एक मामला कुर्मी टोला, जमथरा रोड इलाके में सामने आया है। यहां एक उपभोक्ता के घर की बिजली इसलिए कट गई कि उसके ऊपर मात्र 134 रुपये बकाया था, पहले तो उपभोक्ता ने सोचा वैसे ही सप्लाई गई होगी, 134 कौन बड़ा बकाया है। जब देर तक नहीं आई तब नियावां उप केन्द्र पर संपर्क किया। पता चला रिचार्ज करो और अतिरिक्त धनराशि भी दो तब सप्लाई आयेगी। सुधा श्रीवास्तव पत्नी संजय श्रीवास्तव ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्होंने रिचार्ज कर लिया, बैलेंस भी दिख रहा था, लेकिन घर की बत्ती गुल ही रही। दिल थामकर अंधेरे में बैठे रहे, लेकिन सप्लाई नहीं आई। जब कर्मचारियों से शिकायत की तो जवाब मिला 100 रुपये एक्स्ट्रा डाल दो, तब चालू होगी। 100 रुपये अतिरिक्त देने पर बिजली चालू हुई।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता रोजाना ऐसी शिकायतें कर रहे हैं। रिचार्ज करने के बावजूद बैलेंस अपडेट नहीं होता नेगेटिव बैलेंस हो जाता है और बिजली अपने आप कट जाती है। कई जगहों पर रिचार्ज के घंटों बाद भी कनेक्शन नहीं जुड़ता। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कर्मचारी छोटी-मोटी रकम एक्स्ट्रा मांगकर ही सप्लाई चालू करते हैं।

इतना ही नहीं प्रीपेड मीटरों के साथ चेक मीटर लगाने की तैयारी चल रही है। एक्सईएन कॉमर्शियल पंकज तिवारी ने बताया कि कि जिले में अब तक 74,404 चेक मीटर लगाए गए हैं। 23 हजार चेक मीटर तो केवल शहर में लगे हैं। विभाग की ओर से केवल पांच फीसदी चेक मीटर लगाने का लक्ष्य था, लेकिन यहां पर 23 फीसदी लगाए गए। किसी भी चेक मीटर में यह नहीं पकड़ा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिल अधिक आता है।

मोबाइल की तरह ही काम करता है स्मार्ट मीटर

पंकज तिवारी ने कहा कि अभी उपभोक्ताओं को कुछ उलझन हो रही है, लेकिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रीपेड मोबाइल की तरह ही काम करता है। इसमें उपभोक्ताओं को अपना भुगतान यूपीपीसीएल के खाते में करना होता है। इसलिए बैलेंस चेक करते रहें और माइनस होने से पहले ही भुगतान जमा करा दें। यदि किसी उपभोक्ता का बिजली का बिल पूर्व में दो हजार रुपये आ रहा था तो कम से कम इतना भुगतान एडवांस में जमा करा दें।

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