बिहार के कलाकारों के लिए बुढ़ापे का सहारा बनी 'कलाकार पेंशन योजना': रामानंद और मृदुला शर्मा की जिंदगी में आई नई उम्मीद
पटनाः बिहार सरकार की कलाकार पेंशन योजना आज राज्य के कलाकारों के लिए बुढ़ापे का सहारा बन गयी है। कलाकार पेंशन योजना का लाभ उठाकर राज्य के सैंकड़ों कलाकारों सर उठाकर जिंदगी जी रहे हैं। बिहार में लोकगायक के तौर पर अपनी कला को साबित कर चुके जहानाबाद जिले के रामानंद शर्मा एवं मृदुला शर्मा कलाकार पेंशन योजना के तहत पेंशन पाकर काफी खुश एवं सुरक्षित महसूस कर रहे है।
उन्होंने बताया कि योजना से पहले उनके मन में यह चिंता रहती थी कि बुढ़ापे के दिनों में जब हम थक जायेंगे तो कैसे अपना जीवनव्यापन करेंगे, लेकिन कलाकार पेंशन पाकर अब वे अपने जीवन में नयी पारी की शुरूआत कर सकते हैं। साथ ही वे अब भी मानते हैं कि कला ही हमारी असली पहचान है। 61 वर्षीय रामानंद शर्मा ने बताया कि वे 20 सालों से लोकगायक के तौर पर बिहार के अलग-अलग जिलों में अपने गायन का प्रदर्शन कर रहे है। उन्हें कला संस्कृति विभाग की तरफ से सम्मानित भी किया जा चुका है। कलाकार पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने अपना आवेदन विभाग के साइट जमा करके पेंशन का लाभ उठाना शुरू कर दिया है। पहली बार पेंशन पाकर उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने हम कलाकारों के लिए इस योजना की शुरूआत करके बहुत ही प्रशंसनीय कार्य किया है।
लोकगायिका मृदुला शर्मा ने कहा कि मार्च महीने से ही उन्हें योजना के तहत पेंशन प्राप्त होना शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने योजना की शुरूआत करके राज्य के कलाकारों के लिए कई दरवाजे खोल दिये है,जिससे अब बिहार के कलाकार भी अलग-अलग प्रदेशों में जाकर अपना कला का हुनर दिखा सकते है। इसके लिए अब पैसा कभी बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि वे करीब 20 सालों से भोजपुरी-मगही गायिका के तौर पर विभाग के कार्यक्रम में भाग ले रही है,जिससे उनकी एक अलग पहचान बनी है।
