Asha Bhosle : सैफई महोत्सव से जुड़ी रहीं आशा भोसले की यादें, आज भी एलबम में सुरक्षित हैं तस्वीरें

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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इटावा। मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन से देशभर में शोक की लहर है। संगीत प्रेमी और प्रशंसक उन्हें अपने-अपने अंदाज में याद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई में भी उनसे जुड़ी पुरानी यादें ताजा हो उठी हैं। करीब दो दशक पहले आशा भोसले ने सैफई महोत्सव के मंच पर अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा था।

वर्ष 2004 के दिसंबर माह में कड़ाके की सर्दी के बीच आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। उनके गीतों ने सर्द मौसम में भी उत्साह और गर्मजोशी का माहौल बना दिया था। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "स्वर स्मृति बन गए, भावभीनी श्रद्धांजलि।"

वहीं सांसद डिंपल यादव ने इसे भारतीय संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सैफई महोत्सव समिति के सदस्य चन्दगी राम यादव ने बताया कि जब आशा भोसले कार्यक्रम में आई थीं, उस समय मंच पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया था। उस अवसर की तस्वीरें आज भी उनके पास सुरक्षित हैं।

समाजवादी पार्टी के सैफई ब्लॉक अध्यक्ष संतोष शाक्य ने कहा कि उन्हें आज भी वह शाम याद है, जब आशा भोसले ने मंच से अपने लोकप्रिय गीत सुनाकर हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। उन्होंने बताया कि उस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तस्वीरें आज भी उनके घर के एलबम में संभालकर रखी गई हैं। आशा भोसले की यादें आज भी सैफई महोत्सव और इटावा के लोगों के दिलों में जीवित हैं।

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