आतंकी मॉडल का बड़ा खुलासा : दुबई-पाकिस्तान से जुड़ा सीधा कनेक्शन, लखनऊ स्टेशन पर ब्लास्ट का था प्लान

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार। देश में आतंकी घटनाओं से दहलाने की साजिश दुबई में रची गई थी। वहां बैठा पाकिस्तान आतंकी संगठन का हैंडल आकिब मेरठ का रहने वाला है। उसने ही अपने भाई साकिब उर्फ डेविल का संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर्स से कराया। इसके बाद साकिब ने गिरोह तैयार किया। एटीएस और जांच एजेंसियों को आशंका है कि आकिब ने देश के कई इलाकों में ऐसे गिरोह तैयार किये हैं। जो पाकिस्तान के सीधे संपर्क है। इसकी जांच तेज हो गई।

यूपी एटीएस ने गुरुवार को चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ बरामद किया। शनिवार को एटीएस कोर्ट ने आरोपियों की पांच दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की। इसके बाद एटीएस की टीम ने पूछताछ शुरू किया। सामने आया कि पाकिस्तान से ऑफर मिला कि दहशत फैलाओ, जितनी दहशत फैलेगी उनता पैसा मिलेगा। 

एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश के मुताबिक जांच में सामने आया कि चारों पाकिस्तान के अबु बकर को दो तरीके से संपर्क करते थे। एक कॉलिंग के लिए सिंग्नल एप का प्रयोग करते और दूसरा डाक्यूमेंट, वीडियो फाइल भेजने के लिए इंस्टाग्राम का प्रयोग करते थे। पकड़े न जाए और किसी को संदेह न हो इसके लिए विशेष ख्याल रखते थे। आरोपी वीपीएन का प्रयोग करते थे। इसके कारण आईपी एड्रेस ट्रैस करने पर ज्यादा नंबर अफगानिस्तान के लोकेशन के मिले हैं।

यूट्यूब पर सीखा केमिकल बम बनाना

शुरूआती जांच में सामने में आया कि आरोपियों ने केमिकल बम बनाने की जानकारी यूट्यूब पर सीखी है। जांच में साकिब और अरबाब के मोबाइल में यूट्यूब के सर्च में काफी कुछ साक्ष्य मिले हैं। इसमें टाइम बम बनाने, केमिकल बम बनाने और सटीक निशाना लगाने की तकनीकी जानकारी के सर्च करने की पुष्टि हुई है। आरोपियों ने कई वीडियो भी देखे हैं। कुछ लिंक व वीडियो अबु बकर ने भी भेजे हैं। जिससे बम बनाने की विधि सीखी है। चारों आतंकियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर अभ्यास किया था। इसके कई वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजा था। अबू बकर ने आगजनी के हर वीडियो के बदले में 12 हजार खाते में भेजे थे।

पाकिस्तान को भेजे सैन्य ठिकानों के वीडियो

अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल किया है कि प्रदेश के कई सैन्य ठिकानों की जानकारी जुटा ली थी। लखनऊ के कैंटोंमेंट की वीडियो तैयार किया था। जिसे पाकिस्तान भेजा था। इसके अलावा प्रदेश का एक बड़ा हिंदू नेता भी इनके निशाने पर था। जिसके बारे में काफी कुछ जानकारी पाकिस्तान के हैंडलर्स के साथ शेयर की गई है।

आकिब की है एके-47, जुटाई जा रही जानकारी

एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक मामला काफी संवेदनशील है। पकड़े गये सभी 19 से 27 वर्ष के युवक है। सभी गूगल सर्च के मास्टर हैं। काफी तेज गति से गूगल पर अपनी जरूरत की जानकारी जुटा लेते हैं। चारों में साकिब सरगना है। वही सभी को निर्देश देता है। उसे दुबई में बैठा भाई आकिब लगातार मदद करता है। साकिब ने एटीएस की पूछताछ में बताया कि एके-47 के साथ जो तस्वीर है। वह दुबई में रह रहे उसके भाई आकिब की है। आकिब की भी तस्वीरें एके-47 के साथ साकिब के मोबाइल और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मिली है। एटीएस जानकारी जुटा रही है कि आकिब के पास एके-47 कहां से आई। किसने उपलब्ध कराई है।

चार मार्च को गिरफ्तार दो आतंकियों से मिली थी जानकारी

एटीएस के अनुसार चार मार्च को बिजनौर में निमिश रस्तोगी के पिकअप में आग लगा दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 12 मार्च को अबुजर और जैद को गिरफ्तार किया था। आर्थिक तंगी से परेशान अबुजर ने चचेरे भाई मोहम्मद जैद से मदद मांगी। जैद ने उसे टेलीग्राम पर अबू बकर के साथ संपर्क कराया। अबू बकर के निर्देश पर दोनों हिंदुओं की गाड़ियों में आग लगाने लगे। जिसकी वीडियो टेलीग्राम के जरिये अबू बकर को भेजा। इसके बदले में रकम खाते में ट्रांसफर की गई। जैद टेलीग्राम के 12 ग्रुपों से जुड़ा है।

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