सरकारी विभागों में इस कारण नहीं मिलेगी सैलरी, सभी कर्मचारी रहें अलर्ट, डीएम ने दिए अधिकारियों को सख्त आदेश
लखनऊ, अमृत विचार : राज्य सरकार के निर्देश के बाद भी ई-ऑफिस व्यवस्था न स्थापित करने वालों पर शिकंजा कसने लगा है, बीते दिनों राज्य सरकार पुन: संबन्धित आदेश जारी करने के बाद हरदोई समेत कई जिलों में असर दिखने लगा है। हरदोई में जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस प्रणाली लागू न करने की स्थिति में वेतन निर्गत न करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग आदि कार्यालयों ने अमल शुरू कर दिया है।
जिलाधिकारी हरदोई का आदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र के क्रम में जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि कई विभाग अभी भी ई-ऑफिस पर कार्य नहीं कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस के माध्यम से ही पत्राचार और फाइलों का निस्तारण किया जाएगा। ऑफलाइन पत्रावलियों और पत्राचार को पूरी तरह से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, सभी कर्मचारियों (चतुर्थ श्रेणी और वाहन चालक को छोड़कर) को ई-ऑफिस पर मैप करना अनिवार्य किया गया है।
उक्त क्रम में सभी विभागाध्यक्षों को यह प्रमाणित करना होगा कि उनके कार्यालय के सभी कर्मचारी ई-ऑफिस पर कार्य कर रहे हैं। वेतन बिल के साथ संबंधित अधिकारियों को कोषागार में प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा। प्रमाण पत्र दिए बिना अगले माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय में फाइलों का आवागमन पूर्णतया ऑनलाइन हो चुका है, अन्य विभागों में भी व्यवस्था संचालित हो रही है।
वेतन से जुड़ा सख्त प्रावधान
निर्देश है कि ई-ऑफिस पर कार्य करने के बाद ही कर्मचारियों का वेतन जारी होगा। यदि कोई कर्मचारी ई-ऑफिस पर कार्य नहीं करता है और फिर भी वेतन आहरित होता है, तो संबंधित कार्यालयाध्यक्ष-आहरण-वितरण अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
लापरवाही पर कार्रवाई
जिन कार्यालयों में ई-ऑफिस पूरी तरह लागू नहीं हुआ है, वहां के कार्यालयाध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभागों के बीच फाइलों और पत्रों का आदान-प्रदान भी अब ई-ऑफिस के जरिए ही किया जाएगा, जिसके लिए प्रणाली में इंटर-इंस्टेंस सुविधा उपलब्ध है।
