शहर में फर्जी मोटर ट्रेनिंग स्कूलों का जाल: सड़क सुरक्षा पर बड़ा खतरा, बिना मानकों के तैयार हो रहे चालक

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : शहर में बिना मानकों के संचालित हो रहे फर्जी मोटर ट्रेनिंग स्कूल सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार करीब 120 से अधिक मोटर ट्रेनिंग सेंटर बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक संसाधनों के संचालित हो रहे हैं। ये संचालक कम समय में ड्राइविंग सिखाने का लालच देकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ रहा है।

इन फर्जी केंद्रों पर दस्तावेजों में हेराफेरी आम बात है। कई संचालक 15 साल से अधिक पुराने या निजी वाहनों का उपयोग प्रशिक्षण के लिए कर रहे हैं, जबकि भारी वाहनों जैसे ट्रक और बसों का प्रशिक्षण भी बिना तय मानकों के दिया जा रहा है। इससे प्रशिक्षुओं में आवश्यक दक्षता विकसित नहीं हो पाती और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि इन संस्थानों से प्रशिक्षण लेने के बाद लोग सीधे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर देते हैं, जिससे सड़कों पर अपर्याप्त रूप से प्रशिक्षित चालक उतर रहे हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे संस्थानों के खिलाफ औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया है और मानकों का पालन न करने वालों के लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सख्त कार्रवाई के अभाव में इनका संचालन जारी है।

आरटीओ प्रवर्तन लखनऊ प्रभात कुमार पांडे ने बताया कि समय-समय पर मान्यता प्राप्त मोटर ट्रेनिंग स्कूलों का निरीक्षण किया जाता है। गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों के संचालन की सूचना मिलने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें बंद कराया जा सकता है।

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