Bareilly: जनगणना ट्रेनिंग में कहीं नाश्ता-खाना खूब, कहीं पानी के भी लाले

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। जनगणना-2027 की ट्रेनिंग आज से शुरू तो हुई मगर भारी गर्मी में कर्मचारियों को अव्सस्थाएं भी झेलनी पड़ीं। जीजीआईसी केंद्र पर जिला जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह मौजूद थे, नाश्ता-खाना व पानी के इंतजाम बेहतर दिखे मगर मौलाना आजाद कालेज केन्द्र पर पानी के भी लाले पड़ गए। प्यास-भूख से परेशान कई कर्मचारी तो गुस्से में वहां से समय पूर्व ही निकल गए।

बताया गया है कि मौलाना आजाद केन्द्र की स्थिति यह थी कि सुबह नौ बजे जब कर्मचारी पहुंचे, तो कमरों में झाड़ू तक नहीं लगी थी। विरोध ्पर सफाई शुरू हुई, तो उड़ते धूल के गुबार ने कर्मचारियों को परेशान करके रख दिया। कक्षाओं में बेंचों पर जमी गंदगी और बदइंतजामी के बीच कर्मचारियों को घंटों बैठने पर मजबूर होना पड़ा।प्रशिक्षण सुबह 9:30 बजे शुरू होना था, लेकिन 11 बजे तक कोई भी कार्य शुरू नहीं हो सका। साढ़े ग्यारह बजे जब जैसे-तैसे सत्र शुरू हुआ, तो तकनीकी खामियों ने रास्ता रोक लिया और कई कमरों में प्रोजेक्टर ही नहीं चल पाए। सबसे ज्यादा बदहाली खान-पान को लेकर रही।

नियत समय पर मिलने वाला सुबह का नाश्ता और चाय गायब रही, यहां तक कि पीने के साफ पानी के लिए भी कर्मचारियों को हंगामा करना पड़ा। शोर-शराबे के बाद प्रशासन ने वाटर कूलर तो मंगाए, लेकिन भूख का कोई समाधान नहीं निकला। दोपहर एक बजे के लंच के बजाय खाने के पैकेट ढाई बजे के बाद पहुंचे, जिससे अधिकांश प्रगणक भूख से बेहाल हो गए। भोजन और पानी की बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कर्मचारियों का धैर्य जवाब दे गया। प्रशिक्षण के नाम पर हुई इस खानापूरी का नतीजा यह रहा कि कर्मचारी दोपहर साढ़े तीन बजे तक ही केंद्र छोड़कर चले गए। कर्मचारियों का कहना था कि जहां एक ओर प्रशासन जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को पूरी सटीकता से करने का दावा कर रहा है, वहीं मौलाना आजाद कॉलेज ने प्रशिक्षण के नाम पर केवल खानापूरी की गई।

कई कक्षों में लगाए प्रोजेक्टर भी नहीं चले
मौलाना आजाद कॉलेज के कई कक्षों में लगाए प्रोजेक्टर न चलने पर प्रगणकों को व्यावहारिक जानकारी देने का उद्देश्य ही अधूरा रह गया। बिना विजुअल प्रेजेंटेशन के अधिकारियों को व्याख्यान देने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। कर्मचारियों का कहना था कि जब सरकार के पास संसाधनों की कमी थी या कॉलेज प्रबंधन तैयार नहीं था, तो यहां केंद्र ही क्यों बनाया गया। साफ कहा कि तकनीकी खामी और भूख के बीच हुई इस ट्रेनिंग ने मनोबल को पहले ही दिन गिरा दिया।

जिला जनगणना अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 मई तक जारी रहेगा। लखनऊ निदेशालय से आए नोडल अधिकारी और फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण में बारीकियां सिखा रहे हैं। जो भी प्रगणक या सुपरवाइजर बिना पूर्व अनुमति के इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण से अनुपस्थित पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

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