Bareilly : स्वच्छता रैंकिंग... टॉप-10 में आने की कवायद

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Published By Pradeep Kumar
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कभी भी दस्तक दे सकती है केंद्रीय टीम, नगर निगम ने टॉप-10 में जगह बनाने को झोंकी ताकत

बरेली, अमृत विचार। शहर की स्वच्छता की रैंकिंग तय करने वाली घड़ी नजदीक आ गई है। मार्च में टली केंद्रीय टीम की यात्रा अब अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक संभावित है, जिससे नगर निगम में हलचल तेज हो गई है। नगर निगम ने पिछली गलतियों से सबक लेते हुए देश के शीर्ष 10 स्वच्छ शहरों में शामिल होने का संकल्प लिया है।

एक्सईएन राजीव राठी के अनुसार, निगम का पूरा जोर इस बार कचरे के स्रोत पृथक्करण और डंपिंग यार्ड के वैज्ञानिक निस्तारण पर है, ताकि तकनीक और धरातल के बीच कोई अंतर न रहे। पिछले वर्ष 2025 के सर्वेक्षण में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और बरेली 311 ऐप पर शिकायतों के निस्तारण में मिली कमियों को इस बार चुनौती के रूप में लिया गया है। पुराने शहर की संकरी गलियों में नियमित सफाई और नालों की गंदगी अभी भी बड़ी बाधा बनी हुई है, जिसे दूर करने के लिए ''स्वच्छता हॉटस्पॉट'' चिन्हित कर विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सर्वेक्षण में सबसे महत्वपूर्ण ''सिटीजन फीडबैक'' को लेकर इस बार रणनीति बदली गई है।

एक्सईएन के मुताबिक निगम की टीमें हर वार्ड में जाकर जनता को जागरूक कर रही हैं। कूड़ा उठान के लिए आधुनिक कचरा गाड़ियों की संख्या बढ़ाई गई है और सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव के लिए विशेष टास्क फोर्स तैनात की गई है। निगम की यह सख्ती और जनता का सहयोग तालमेल बिठाने में सफल रहा, तो बरेली इस बार स्वच्छता के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई इबारत लिख सकता है। बताया यह भी जा रहा है कि पिछली बार स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग बिगड़ने का सबसे बड़ा कारण सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गईं सड़कों की समय से मरम्मत न होना पाना रहा था। इस समय भी शहर में कई जगह सीएम ग्रिड के तहत सड़क खोदकर डाल दी गई है जिसका प्रभाव रैकिंग पर देखने को मिल सकता है।

सिटीजन फीडबैक है जीत की असली चाबी
स्वच्छ सर्वेक्षण में बुनियादी ढांचे से कहीं ज्यादा महत्व जनता की राय का होता है। निगम इस बार वार्ड स्तर पर जागरुकता अभियान चला रहा है ताकि सर्वेक्षण टीम के आने पर नागरिक सकारात्मक फीडबैक दें। यदि शहरवासी कचरा अलग-अलग करने और सार्वजनिक स्वच्छता को लेकर अपनी संतुष्टि दर्ज कराते हैं, तभी बरेली को टॉप 10 में जगह मिलना संभव हो पाएगा।

नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है। हर वार्ड में विशेष निगरानी टीमों की तैनाती की गई है, जो नियमित रूप से गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण करती हैं। इन सतत प्रयासों का उद्देश्य बरेली को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों में शामिल करना है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त।

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