हत्यारों के एनकाउंटर की मांग: पिता-पुत्र के शव देखते ही भड़का जनाक्रोश,जाम लगाकर किया हंगामा
संभल/रजपुरा। धनारी थाना क्षेत्र के गांव भिरावटी मझरा मलुआ घेर निवासी पिकअप चालक नरेश कुमार और उनके बेटे भीमसेन की हत्या के बाद जैसे ही शामली से दोनों के शव गांव पहुंचे तो ऐसा आक्रोश भड़का कि दोनों के शव सड़क पर रखकर भारी भीड़ ने जाम लगाकर हंगामा खड़ा कर दिया। हत्या करने वालों का एनकाउंटर करने के साथ ही परिवार को शवों के अंतिम संस्कार से पहले 50 लाख मुआवजा सहित कई मांगें रखी गईं। घंटों बाद भी जाम नहीं खुला तो प्रभारी पुलिस अधीक्षक व अपर जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को आश्वासन दिया। इसके बाद लोग रोड से हटे।
मंगलवार रात शामली में शव बरामद होने के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचे, परिवार में चीख-पुकार मच गई। लोग अंतिम संस्कार के लिए शवों को ले जाए जा रहे थे, तभी आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने राजकीय इंटर कॉलेज के सामने दोनों शवों को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम लगाकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के सामने शवों का अंतिम संस्कार होने से पहले परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ ही एक पक्का आवास, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और एनकाउंटर की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर चार थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी व आरआरएफ के जवानों को तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मामले का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी भीड़ जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुई तो कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह व अपर जिलाधिकारी प्रदीप वर्मा खुद मौके पर पहुंचे।
सपा विधायक आंदोलन में रहे मौजूद
सपा के विधायक रामखिलाड़ी यादव भी आंदोलन के दौरान मौजूद थे। दोनों अधिकारियों ने परिवार के लोगों की बात सुनकर इंसाफ और हर संभव मदद को भरोसा दिलाया। दोनों अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन शांत हुए और जाम खोल दिया गया। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। घटना के बाद गांव में शोक और गुस्से का माहौल बना हुआ है, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सपा विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
गला दबाकर की गई पिता पुत्र की हत्या
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार पिता-पुत्र की हत्या गला दबाकर की गई थी। वहीं दोनों हाथ बंधे होने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने वाहन लूटने के उद्देश्य से दोनों का अपहरण कर हत्या की। इस प्रकरण में पुलिस ने सोमवार रात को बदायूं के दातागंज कस्बे से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसी की निशानदेही से पुलिस ने दोनों शव बरामद किए। पुलिस घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को तलाश कर रही है। पकड़े गए बदमाश ने बताया कि उन लोगों ने सात हजार रुपये में वाहन बुक किया था।
पिता-पुत्र का हत्यारोपी बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार, दो साथी फरार
पिकअप लूटने के बाद पिता-पुत्र की हत्या कर शव शामली में फेंकने की सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन में से एक बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि घटना में शामिल दो आरोपी अभी फरार हैं। लूटी गई पिकअप भी बरामद नहीं हो सकी है।
धनारी थाना क्षेत्र के भिरावटी मलुआ मझरा निवासी नरेश अपने बेटे भीमसेन के साथ 2 अप्रैल की शाम अमावती की साप्ताहिक बाजार से पिकअप लेकर मेरठ के लिए बुकिंग पर निकले थे। रात करीब 10 बजे गढ़ टोल प्लाजा पर परिजनों से उनकी आखिरी बार बात हुई, जिसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए। करीब छह दिन बाद शामली पुलिस ने दोनों के शव गन्ने के खेत से बरामद किए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल एक आरोपी मनोज निवासी चिंजरी, थाना मूसाझाग, जनपद बदायूं को धनारी क्षेत्र में घेर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार, आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। गोली लगने से आरोपी घायल हो गया और उसे तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात में मनोज के अलावा अरविंद और संतोष निवासी रझेड़ा सलेमपुर, थाना कैलादेवी, जनपद संभल भी शामिल हैं। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई पिकअप की बरामदगी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
