राजौरी में 10 हजार फीट पर आतंकियों की घेराबंदी, 8वें दिन भी जारी ‘ऑपरेशन शेरुवाली’

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Published By Anjali Singh
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घने जंगलों में छिपे आतंकियों को ढूंढने में जुटे 10 हजार जवान, ड्रोन और हाईटेक निगरानी से दबाव बढ़ाया

सुरेश एस डुग्‍गर/ जम्‍मू। जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के मनजाकोट क्षेत्र के दोरीमाल-गंभीर मुगलां जंगलों में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच चल रहा अभियान शनिवार को भी जारी रहा। करीब एक सप्ताह पहले शुरू हुआ यह ऑपरेशन अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर आतंकवादी लगातार अपनी स्थिति बदल रहे हैं। यह मुठभेड़ 10 हजार फुट की ऊंचाई पर चल रही है जिसमें 10 हजार से अधिक जवान जुटे हुए हैं।

घेराबंदी और तलाशी अभियान 

सुरक्षा बलों ने इस अभियान को “ऑपरेशन शेरुवाली” नाम दिया है। सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने खुफिया सूचना के आधार पर क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। शुरुआती जानकारी में दो से तीन आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका जताई गई थी। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों का आतंकवादियों से संपर्क हुआ, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

ड्रोन से जंगलों की निगरानी 

ताजा जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने जंगल के भीतर संदिग्ध ठिकानों पर दबाव बढ़ा दिया है। ड्रोन और अन्य निगरानी उपकरणों की मदद से आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवादी अभी भी जंगल के भीतर छिपे हुए हैं और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया जा रहा। कई इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर सभी संभावित रास्तों को सील कर दिया गया है।

आतंवादियों के घायल होने की आशंका 

पिछले कुछ दिनों के दौरान मुठभेड़ क्षेत्र से रुक-रुक कर गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रही हैं। सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के संभावित ठिकानों से कुछ सामान और अन्य सामग्री भी मिली है। तलाशी अभियान के दौरान खून के निशान मिलने की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे माना जा रहा है कि मुठभेड़ में कुछ आतंकवादी घायल हुए हो सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि छिपे हुए आतंकवादी विदेशी और पाकिस्तान समर्थित संगठन से जुड़े हो सकते हैं। यही वजह है कि अभियान को बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचते हुए आतंकवादियों को सुरक्षित तरीके से घेरकर निष्क्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

राजौरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

इस बीच पूरे राजौरी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक इलाके में छिपे सभी आतंकवादियों का सफाया नहीं हो जाता या उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। फिलहाल मुठभेड़ जारी है और सुरक्षा बल लगातार इलाके की सघन तलाशी ले रहे हैं।

 

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