14566 हेल्पलाइन बनी पीड़ितों का मजबूत सहारा, सभी शिकायतों का 100% निस्तारण

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Published By Muskan Dixit
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समाज कल्याण विभाग की पहल से अत्याचार पीड़ितों को मिल रहा त्वरित न्याय

आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 628 शिकायतें दर्ज हुईं। जांच में 75 शिकायतें डुप्लीकेट पाई गईं, जिन्हें अलग कर दिया गया।

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में पीड़ितों को त्वरित और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए शुरू की गई 14566 अत्याचार एवं उत्पीड़न हेल्पलाइन अब मजबूत सहारा बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में यह पहल जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है।

समाज कल्याण विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस हेल्पलाइन पर दर्ज सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया गया, जो सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच कुल 628 शिकायतें दर्ज हुईं। जांच में 75 शिकायतें डुप्लीकेट पाई गईं, जिन्हें अलग कर दिया गया। शेष सभी मामलों में संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश देकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया। महीनेवार आंकड़ों में सितंबर (80) और अक्टूबर (79) में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि अन्य महीनों में भी लगातार शिकायतें आती रहीं—जो इस बात का संकेत है कि लोग अब इस हेल्पलाइन पर भरोसा जता रहे हैं।

ऐसे काम करती है 14566 हेल्पलाइन

हेल्पलाइन पर कॉल आते ही शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है और तत्काल संबंधित जिले को भेज दिया जाता है। साथ ही उसकी एक प्रति समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी मिलती है, जिससे हर स्तर पर निगरानी बनी रहती है। कार्रवाई पूरी होने के बाद पीड़ित से फीडबैक लिया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसे वास्तविक न्याय मिला है या नहीं। इस प्रक्रिया ने सिस्टम को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है।

सरकार की अपील, बेझिझक करें शिकायत

समाज कल्याण विभाग ने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अत्याचार या उत्पीड़न की स्थिति में वे बिना झिझक 14566 नंबर पर संपर्क करें। अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने इस व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस किया है, जिससे शिकायतों का निस्तारण तेज और प्रभावी तरीके से हो सके।

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