जिंदा समाधि की घोषणा से श्रीराम जानकी मठ बना संवेदनशील केंद्र : महंत मुकुंदपुरी को मनाने में जुटा प्रशासन, जानें क्या है पूरा मामला

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में असंद्रा थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम जानकी मठ मंगलवार सुबह से संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। मठ के महंत मुकुंदपुरी द्वारा जिंदा समाधि लेने की घोषणा के बाद प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में है। मठ परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही महंत को मनाने और समाधान निकालने के प्रयास में जुटे हैं। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार भवनियापुर स्थित मठ की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। महंत मुकुंदपुरी का आरोप है कि एक व्यक्ति ने फर्जी और अपंजीकृत वसीयत के आधार पर मठ की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति अपने नाम दर्ज करा ली थी। इस मामले में तहसील प्रशासन ने 24 अगस्त 2023 को कार्रवाई करते हुए कथित वसीयत को निरस्त कर मूल खातेदार के नाम संपत्ति दर्ज करने का आदेश दिया था। साथ ही 45 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन मामला अब तक लंबित है। 

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प्रशासनिक आश्वासनों से निराश महंत मुकुंदपुरी ने पूर्व में घोषणा की थी कि यदि 20 अप्रैल तक कार्रवाई नहीं हुई तो वह 21 अप्रैल को जिंदा समाधि लेंगे। आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से उन्होंने मंगलवार को अपना निर्णय दोहराया। महंत की जिंदा समाधि की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मठ परिसर में एकत्र हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। 

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह पहला अवसर नहीं है जब महंत ने ऐसा कदम उठाने की चेतावनी दी हो। वर्ष 2023 में भी इसी प्रकार की घोषणा की गई थी, जिसे प्रशासनिक हस्तक्षेप से टाल दिया गया था। हालांकि इस बार स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है और प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।  

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