गोरखपुर : सीएम ग्रिड योजना से महानगर में तैयार हो रही स्मार्ट सड़कों की श्रृंखला
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने के लिए स्मार्ट रोड कनेक्टिविटी की जरूरत को पूरा करने के लिए शुरू की गई सीएम ग्रिड योजना नव शहरी विकास में गेम चेंजर बनने जा रही है और पर्यावरण को बिना कोई नुकसान पहुंचाए इस योजना के तहत गोरखपुर में स्मार्ट सड़कों की नई श्रृंखला तैयार हो रही है।
गोरखपुर शहर में सीएम ग्रिड के तहत पहले चरण की स्मार्ट सड़क लगभग बन गई है जबकि दूसरे चरण में चयनित सड़कों पर काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा तीसरे चरण के मुख्य और पूरक सूची में कुल छह मार्गों पर स्मार्ट सड़क बनाने के धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। स्मार्ट सड़कों के लिए गोरखपुर के हिस्से अबतक करीब 340 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है।
गौरतलब है कि सीएम ग्रिड ;चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट.., स्मार्ट सिटी के विजन से जुड़ी योगी सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। गोरखपुर के नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि सीएम ग्रिड के तहत ऐसी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है जो सुरक्षित, बार.बार तोड़फोड़ से मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल होंगी। सीएम ग्रिड में मार्ग के किनारे के वृक्षों को हटाया नहीं जा रहा है इससे हरियाली भी बरकरार रहेगी।
इसके साथ ही पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ और बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। स्मार्ट सड़क में स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट के साथ ही यूटिलिटी डक्ट भी बनाया जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद बिजली, टेलीफोन या गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए उसे खोद दिया जाता है। सीएम ग्रिड के तहत सड़कों के किनारे विशेष डक्ट बनाए जा रहे हैं जिससे भविष्य में पाइपलाइन डालने के लिए सड़क को खोदने की जरूरत नहीं होगी।
स्मार्ट सड़क इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यूटिलिटी डक्ट नगर निगम के लिए निश्चित आय का आधार भी बनेगा। यूटिलिटी डक्ट का उपयोग जिन संस्थाओं द्वारा अपने कार्य के लिए पाइपलाइन ;बिजली, गैस आदि डालने के लिए किया जाएगा, वे नगर निगम को इसके लिए किराया देंगी। नगर आयुक्त बताते हैं कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में गोरखपुर महानगर में सीएम ग्रिड के पहले चरण में राप्तीनगर क्षेत्र की तीन सड़कों को 44 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है।
दूसरे चरण में कुल 53.68 करोड़ रुपये की लागत से गोलघर और आसपास की पांच सड़कों को स्मार्ट बनाने का काम भी तेजी से जारी है। इसके अलावा तृतीय और तृतीय अनुपूरक चरण में छह सड़कों के कायाकल्प के लिए 242.22 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से मंजूर हो गई है।
