तीन से चार दिसंबर तक चलेगा 'चंबल लिटरेरी फेस्टिवल'

तीन से चार दिसंबर तक चलेगा 'चंबल लिटरेरी फेस्टिवल'

भिंड। भिंड जिले के तहत आने वाले चंबल और यमुना नदी के दोआब में स्थित कामेत चंबल साहित्य उत्सव का गवाह बनने जा रहा है, जिसमें देश के साहित्य और कला जगत की शख्सियतें शामिल होंगी। 'चंबल परिवार' और 'दि एंट्स' की ओर से यह आयोजन जनकवि शिशुपाल सिंह 'शिशु' के जन्मस्थान के नजदीक कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया महाविद्यालय परिसर में किया जाएगा।

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तीन दिसंबर को सुबह 11 बजे से 'चंबल गाथा' विषय पर रंगोली और 'चंबलः एक काव्यधारा’ विषय पर पेंटिग प्रतियोगिता शुरू होगी। वहीं, सुबह 11:30 बजे कालेज लॉन में चंबल साहित्य उत्सव का विधिवत उद्घाटन सत्र शुरू होगा, जिसका विषय 'चंबल: इतिहास और संस्कृति' रखा गया है। उद्घाटन सत्र में विश्वविख्यात संस्कृतिकर्मी प्रणव मुखर्जी, वरिष्ठ लेखक और पत्रकार प्रवीण चौहान, क्रांतिकारी लेखक देव कबीर और चंबल अंचल के चर्चित इतिहासकार देवेन्द्र सिंह चौहान अतिथि होंगे। सत्र का संचालन हिंदी लेखक डॉ. रमाकांत राय और अध्यक्षता कालेज प्रबंधक वीरभान सिंह भदौरिया करेंगे।

तीन दिसंबर को दोपहर दो बजे से दूसरा सत्र का विषय 'कविताओं में चंबल' में रखा गया, जिसमें सरोकारी कवि महेन्द्र मिहौनवी, शायर शाहिद महक, कवियत्री डॉ. कमला नरवरिया, कवि विजय सिंह पाल, कवि डॉ. जितेंद्र विसारिया और कवियत्री गायत्री मिश्रा का कविता पाठ होगा। दूसरे सत्र का संचालन चंबल प्रकाशन प्रभारी डॉ. कमल कुमार कुशवाहा और अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुश चतुर्वेदी करेंगे। तीन दिसंबर शाम पांच बजे सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक सद्दीक अली और साथियों की प्रस्तुति होगी।

चार दिसंबर को सुबह 11 बजे से 'चंबल पर्यटन' विषय पर क्विज प्रतियोगिता होगी। वहीं सुबह 11:30 बजे से तीसरा सत्र 'चंबल: फिल्में और लोक कलाएं' विषय पर आयोजित होगा, जिसमें फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर राजीव चड्ढा, कॉस्ट्यूम डिजाइनर संजीव राज परमार, फिल्मकार खालिद नाइक और फिल्म समीक्षक आशीष कुमार अतिथि होंगे। तीसरे सत्र का संचालन दस्तावेजी फिल्म निर्माता डॉ. शाह आलम राना और अध्यक्षता पंचायत राज महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्यामपाल सिंह करेंगे।

समापन सत्र दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा, जिसका विषय 'चंबल के सरोकारी रचनाकार' है। प्रसिद्ध कथाकार और उपन्यासकार महेश कटारे, वरिष्ठ कथाकार ए असफल, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेंद्र तोमर अतिथि होंगे। समापन सत्र का संचालन हिंदी लेखक डॉ. रमाकान्त राय और अध्यक्षता वरिष्ठ स्तंभकार डॉ. विद्याकांत तिवारी करेंगे। सीएलएफ के दो दिवसीय आयोजन के दौरान इटावा, औरैया, जालौन, बाह, भिंड, मुरैना और धौलपुर सहित चंबल अंचल के साहित्य, कला और सिनेमा जगत की हिस्सेदारी रहेगी।

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