Moradabad: पेनल्टी टैरिफ रिफंड का निर्णय निर्यातकों के लिए नया अवसर
मुरादाबाद, अमृत विचार। भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका द्वारा 25% पेनल्टी टैरिफ वापस करने के फैसले ने निर्यातकों, विशेषकर मुरादाबाद के पीतल व हस्तशिल्प उद्योग को बड़ी राहत दी है। यह रिफंड 27 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 के बीच निर्यात किए गए माल पर लागू होगा।
इस निर्णय से अनुमानित ₹40,000 करोड़ की राहत भारतीय व्यापार जगत को मिलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ मुरादाबाद के हजारों कारीगरों, यूनिट मालिकों और निर्यातकों तक पहुंचेगा। यह कदम न केवल व्यापार को गति देगा, बल्कि कारीगरों की आजीविका को भी मजबूत करेगा। उद्योग जगत को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में उद्योगों में आत्मनिर्भरता आएगी।
कैसे मिलेगा लाभ
- अमेरिकी आयातकों को मिलने वाला रिफंड भारतीय निर्यातकों के साथ साझा किया जाएगा।
- जिले के धातु‑हस्तशिल्प, होम डेकोर, किचनवेयर और गिफ्टिंग उत्पादों की अमेरिकी मांग में वृद्धि की उम्मीद।
- टैरिफ 50% से घटकर 18% होने से मुरादाबाद के उत्पाद अब अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे।
- निर्यातकों की नकदी प्रवाह में सुधार होगा, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
- कारीगरों को अधिक ऑर्डर और बेहतर भुगतान मिलने की संभावना-
अध्यक्ष, मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन नवेद उर रहमान ने बताया कि निर्णय मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग के लिए ऐतिहासिक राहत है। पेनल्टी टैरिफ रिफंड व टैरिफ में कमी से निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कई गुना बढ़ेगी। इससे निर्यात में वृद्धि के साथ हजारों कारीगर परिवारों की आय भी मजबूत होगी। मुरादाबाद का उद्योग वैश्विक बाजार में और अधिक प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करेगा।
लघु उद्योग भारती मेरठ संभाग के वाइस प्रेसीडेंट अंशुल अग्रवाल ने बताया कि इससे स्थानीय उत्पादों के निर्यातकों को काफी राहत मिलेगी। आयरन, स्टील और एल्यूमीनियम आदि पर यदि स्पष्टता हो जाए तो जिले का उद्योग काफी आगे बढ़ेगा। जैसे वुड टिंबर लिखा है लेकिन हम आइटम बेचते हैं इस पर हम बच जाएंगे। लेकिन अन्य उत्पादों पर स्पष्टता आने के बाद इंडस्ड्री काफी मजबूत होगी। इसके लिए सरकार का आभार जताते हैं।
नेशनल चेयरमैन यस विशाल अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका द्वारा पेनल्टी टैरिफ रिफंड होने से बायर्स से अटकी बातचीत फिर से शुरू हो गई है। इससे मुरादाबाद सहित भारत के निर्यात को ऊंचाई मिलेगी। आगामी फेयर में इसका सकारात्मक रिस्पांस देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में स्थानीय निर्यातकों व कारोबार से जुड़े लोगों को काफी आसानी हो जाएगी, निर्यात भी बढ़ेगा।
