वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोपरि...CM योगी ने दिए सख्त निर्देश: संवेदनशील क्षेत्रों में विकास अब वैज्ञानिक मानकों और पर्यावरण संतुलन के साथ होगा
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास एवं निर्माण कार्य वैज्ञानिक मानकों, न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव और विधिक प्रक्रियाओं के पूर्ण अनुपालन के साथ ही किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की हर प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवागमन और आवासीय निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सोमवार को राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े सभी विकास प्रस्ताव संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्गों और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत वैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इससे विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलित तथा टिकाऊ दृष्टिकोण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में विभिन्न वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े विकास प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। ये प्रस्ताव इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली और बांदा सहित कई जनपदों के वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों और इको-सेंसिटिव जोन से जुड़े थे। परिषद ने आवश्यक शर्तों के साथ इन परियोजनाओं को सहमति प्रदान की।
