अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और सुविधाओं का अभाव 

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और सुविधाओं का अभाव 

अल्मोड़ा, अमृत विचार। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे करने वाली प्रदेश सरकार जगह जगह मेडिकल कालेज तो खोल रही है, लेकिन वहां सालों बाद भी जरूरी संसाधन मुहैया न होने से वह वहां के मुफीद साबित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसा ही एक मेडिकल कालेज है अल्मोड़ा मेडिकल कालेज।

जिसे संचालित हुए दो साल हो गए हैं, लेकिन अब तक यहां पर्याप्त फैकल्टी और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे यहां उपचार को आने वाले रोगियों और एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। 

 अल्मोड़ा जिले में करीब दो साल पूर्व साढ़े चार करोड़ रुपये से मेडिकल कालेज का निर्माण किया गया। जिले की छह लाख से अधिक की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी यह उम्मीद परवान नहीं चढ़ सकी है। अब तक कालेज को पर्याप्त फैकल्टी नहीं मिल सकी है। कालेज में पांच प्रोफेसर, 22 एसोसिएट प्रोफेसर, 30 असिस्टेंट प्रोफेसर और तीन कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर की जरूरत है, लेकिन अब तक महज नौ फैकल्टी ही कालेज प्रबंधन को मिली है। ऐसे में यहां दो बैच में पढ़ने वाले 200 मेडिकल छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा।

वहीं विशेषज्ञ न होने से मरीज बेहतर उपचार के लिए जूझ रहे हैं। मेडिकल कालेज में रेडियोलॉजी विभाग में एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और महिला रोग विभाग में दो एसोसिएट प्रोफेसर, दो असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति होनी है, लेकिन कॉलेज को यह महत्वपूर्ण फैकल्टी नहीं मिल रही। स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध महज एक रेडियोलॉजिस्ट यहां सेवा दे रहे हैं। महिला रोग विभाग में फैकल्टी न होने से यहां उपचार को पहुंची महिलाएं हायर सेंटर को रेफर की जा रही हैं। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. सीपी भैंसोड़ा का कहना है कि फैकल्टी को पूरा करने के पूरे पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। शीघ्र ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा। 

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