Myanmar: एक नई चुनौती का सामना कर रही म्यांमार की सैन्य सरकार, रखाइन प्रांत में सशस्त्र उग्रवादी समूहों ने किए हमले

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बैंकॉक। म्यांमार की सैन्य सरकार को देश के उत्तर पूर्व क्षेत्र में सोमवार को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा जहां एक सशस्त्र उग्रवादी समूह ने पश्चिमी राज्य रखाइन में हमले शुरू कर दिए हैं। म्यांमार की सैन्य सरकार देश के उत्तर पूर्व क्षेत्र में दबाव का सामना कर रही है जहां उसके लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र पर पिछले दिनों सशस्त्र समूहों के एक गठबंधन ने कब्जा कर लिया था।

स्वतंत्र ऑनलाइन मीडिया और स्थानीय निवासियों के अनुसार अराकान आर्मी नामक इस समूह ने रखाइन के राथेदाउंग शहर में अर्द्धसैनिक बल बॉर्डर गार्ड पुलिस की दो चौकियों पर अचानक हमला कर दिया। म्यांमार की सैन्य सरकार के साथ एक वर्ष तक संघर्ष-विराम के बावजूद ये हमले हुए हैं। अराकान आर्मी केंद्र सरकार से स्वायत्तता हासिल करने के लिए चलाये जा रहे रखाइन जातीय अल्पसंख्यक आंदोलन की हथियारबंद सैन्य इकाई है।

 रखाइन का पुराना नाम अराकान है। यहां 2017 में सेना के जघन्य उग्रवाद निरोधी अभियान में करीब 7,40,000 अल्पसंख्यक रोहिंग्या को इलाके से भागना पड़ा था और उन्होंने सीमा पार बांग्लादेश में जाकर आसरा लिया था। 

मिनब्या, मौंगदाऊ, म्रॉक-ऊ और क्यॉकतॉ शहरों में उग्रवादियों और सेना के बीच संघर्ष की खबरें हैं। ऑनलाइन पोर्टल अराकान प्रिंसेस मीडिया के अनुसार राथेदाउंग में बॉर्डर गार्ड पुलिस की दो चौकियों पर उग्रवादियों ने कब्जा कर लिया और क्यॉकतॉ में 22 पुलिसकर्मियों को उनके सामने हथियार डालने पड़े। खबरों के मुताबिक सेना ने राज्य की राजधानी सितवे में सभी सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है और नागरिकों को रात 9 बजे के बाद बाहर नहीं निकलने का आदेश दिया गया है। 

ये भी पढ़ें:- मुरादाबाद: गन्ना पर्ची देर से मिलने से गेहूं की बुआई पर असर

संबंधित समाचार