अल्मोड़ा: ताकुला में नवजात को लगा दिया एक्सपायरी इंजेक्शन 

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Edited By Amrit Vichar
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अल्मोड़ा, अमत विचार। एक ओर प्रदेश सरकार पर्वतीय जिलों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे करते नहीं थक रही है। वहीं इन दावों के उलट वास्तिवकता यह है कि आज भी खुलेआम रोगियों की जान खेला जा रहा है। इसकी बानगी अल्मोड़ा जिले के ताकुला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां चिकित्सकों ने एक नवजात को एक्सपायरी इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और अब उसे गंभीर हालत में मेड़िकल कालेज में भर्ती कराया गया है।

सोमेश्वर तहसील के ताकुला क्षेत्र के वीरेंद्र बिष्ट ने बताया कि बीते पंद्रह नवंबर की रात को करीब साढ़े नौ बजे उनकी पत्नी विमला देवी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था। पीएचसी में प्रसव कराने वाली स्टाफ नर्स ने सोलह नवंबर को बच्ची को वैक्सीन लगाई।

इसके बाद से बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। स्वस्थ बच्ची की हालत एकाएक बिगड़ने से परिजन घबरा गए। जांच में पता चला कि बच्ची को लगाई गई वैक्सीन की एक्सपायरी डेट एक महीने पहले की है। फिलहाल आनन-फानन में बच्ची को अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया है।

जहां वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। इस लापरवाही के बाद जहां परिजनों ने चिकित्सालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं अनेक सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले का विरोध शुरू कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर जोशी ने कहा है कि क्षेत्र के लोग कई बार पीएचसी को सीएचसी का दर्जा दिए और यहां अनुभवी स्टाफ की तैनाती की मांग कर चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं कर  रही है। जोशी ने कहा है कि अगर यही हाल रहा तो क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। 

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