बरेली: तिलक समारोह से दुल्हन के पिता का नकदी से भरा बैग चोरी

आगरा निवासी व्यक्ति की पीलीभीत बाईपास रोड के एक बैंक्वेट हाल में थी शादी

बरेली: तिलक समारोह से दुल्हन के पिता का नकदी से भरा बैग चोरी

बरेली, अमृत विचार। शादियों का सीजन शुरू होती है चोर भी सक्रिय हो गए हैं। पलक झपकते ही चोर दूल्हा-दुल्हन या अन्य किसी का नकदी व ज्वेलरी से भरा बैग चुराकर भाग जा रहे हैं। बारादरी में पीलीभीत बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हाल में तिलक समारोह से दुल्हन के पिता का एक युवक बैग चोरी कर ले गया। बैग में चार लाख नकदी व अन्य जरूरी कागजात थे। चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। दुल्हन के पिता ने बारादरी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की तलाश में जुट गई है।

आगरा के शास्त्रीनगर निवासी आलोक कुमार सक्सेना के मुताबिक वह मुंबई में न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन में नौकरी करते हैं। उन्होंने अपनी बेटी की शादी बरेली निवासी शैलेन्द्र प्रकाश के बेटे प्रियांश सक्सेना के साथ तय की थी। 25 नवंबर को पीलीभीत बाईपास रोड स्थित एक मैरिज लॉन में तिलक समारोह था। इसमें शिरकत करने के लिए वह लोग आए थे। आलोक ने बताया कि उनके पास पिट्ठू बैग था। जिसमें एक छोटा बैग रखा था। उसमें चार लाख रुपये क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, समेत अन्य दस्तावेज थे। रात को 9.20 बजे के करीब उन्होंने कुछ देर के लिए बैग टेबल पर रखा दिया और बात करने लगे। इसी दौरान बैग चोरी हो गया। आसपास तलाश किया लेकिन बैग नहीं मिला। लॉन के प्रबंधक उमेश कुमार ने बताया किया सीसीटीवी के अनुसार एक युवक नीले रंग का कोट पैंट पहने हुए है। वह व्यक्ति बैग ले जाता दिख रहा है। उमेश के अनुसार आरोपी कार्यक्रम में करीब 1.30 घंटे तक मौजूद रहा। इसके बाद चला गया। बैग ले जाते वक्त आरोपी ने कोट उतार दिया। वह सफेद शर्ट में दिख रहा है।

संदिग्ध लोगों से करें पूछताछ
इंस्पेक्टर बारादरी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि बरात या अन्य कार्यक्रम में आए संदिग्ध युवक या अनजान युवक से पूछताछ करनी जरूरी है। ऐसा न करने से संदिग्ध व्यक्ति चोरी व अन्य घटनाओं को अंजाम दे सकता है।

हर साल होती हैं चोरियां पर नहीं पकड़े जाते चोर
शादी समारोह में हर साल शहर के अलग-अलग बैंक्वेट हाल में चोरी की घटनाएं होती हैं। कुछ मामलों में रिपोर्ट दर्ज की जाती है तो कुछ में नहीं। जब मामले ज्यादा बढ़ जाते हैं तो अधिकारी चोरों की गिरफ्तारी के लिए सख्ती करते हैं लेकिन गैंग के सदस्य पकड़ में नहीं आते हैं और सीजन समाप्त होने पर पुलिस खामोश बैठ जाती है।

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