राहुल गांधी ने कहा- देश से नफरत मिटाना मेरा मकसद, इसके लिए मोदी को हराना जरूरी

राहुल गांधी ने कहा- देश से नफरत मिटाना मेरा मकसद, इसके लिए मोदी को हराना जरूरी

हैदराबाद। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि उनका लक्ष्य देश में नफरत खत्म करना है और इसके लिए केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हराना जरूरी है। उन्होंने यहां नामपल्ली में एक चुनावी सभा में यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), प्रधानमंत्री मोदी और ‘कट्टरपंथियों’ ने पूरे देश में नफरत फैला दी है।

राहुल गांधी ने इस बात का उल्लेख किया कि कांग्रेस ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने’ का नारा दिया था। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ 24 मामले दर्ज कर दिए गए, क्योंकि वह प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा ‘‘पहली बार ऐसा हुआ कि मानहानि के मामले में दो साल की सज़ा मिली।

मेरी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। मेरा सरकारी घर छीन लिया गया। मैंने कहा कि मुझे यह नहीं चाहिए। मेरा घर देश के करोड़ों गरीबों के दिलों में है।’’ सांसदों एवं विधायकों के खिलाफ मामलों की सुनवाई करने वाली उत्तर प्रदेश की एक अदालत ने सोमवार को गांधी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई कथित "आपत्तिजनक" टिप्पणियों से संबंधित 2018 के मानहानि मामले में तलब किया।

राहुल गांधी ने यहां नामपल्ली की रैली में अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की अदालत द्वारा उन्हें समन भेजे जाने का कोई जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘‘लड़ाई वैचारिक है और मैं इससे समझौता नहीं कर सकता।

’’ उन्होंने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर भी हमला बोला और सवाल किया कि आखिर हैदराबाद के सांसद के खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं? कांग्रेस नेता ने कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां हमेशा उनके पीछे पड़ी रहती हैं, लेकिन क्या कोई एजेंसी ओवैसी के पीछे पड़ी है? उन्होंने दावा किया, ‘‘सवाल उठता है कि ओवैसी के खिलाफ कोई मामला क्यों नहीं है और इसका जवाब यह है कि एआईएमआईएम अध्यक्ष, प्रधानमंत्री मोदी की मदद करते हैं।

’’ राहुल गांधी ने एआईएमआईएम पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने और विभिन्न राज्यों में भाजपा की मदद करने के लिए अपने उम्मीदवार उतारने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य देश से नफरत मिटाना है और इसके लिए दिल्ली में मोदी को हराना होगा।’’ उनका कहना था, ‘‘अगर मोदी को दिल्ली में हराना है, तो सबसे पहले बीआरएस अध्यक्ष और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव को तेलंगाना में हराना होगा।

’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीआरएस, भाजपा और एआईएमआईएम एक साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘क्या केसीआर के खिलाफ कोई मामला है....वह (केसीआर) सबसे भ्रष्ट सरकार चला रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां ​​केसीआर या एआईएमआईएम के पीछे नहीं हैं।

राहुल गांधी और उनकी बहन एवं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने यहां के निकट मल्काजगिरि में एक रोड शो में भाग लिया। प्रियंका गांधी वाद्रा ने लोगों से कांग्रेस को सत्ता में लाने का आग्रह किया और राज्य में पार्टी की छह गारंटियों को लागू करने का वादा किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप एक आलसी और भ्रष्ट सरकार चाहते हैं, तो बीआरएस को वोट दें और अगर आप एक अच्छी और ईमानदार सरकार चाहते हैं, तो कांग्रेस को चुनें।’’ प्रियंका गांधी ने लोगों से कांग्रेस को मौका देने और बीआरएस की उस सरकार को हटाने की अपील की, जिसे ‘‘एक फार्महाउस से चलाया जा रहा है।

’’ उन्होंने सभा से पूछा कि क्या वे ‘दोराला सरकार’ (सामंती सरकार) या 'प्रजाला' (जनता की) सरकार चाहते हैं? इस अवसर पर, राहुल गांधी ने कहा कि जब कांग्रेस तेलंगाना में सत्ता में आएगी, तो यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीब लोगों को ‘‘केसीआर द्वारा छीन लिया गया पैसा’’ उनके बैंक खातों में वापस मिल जाए।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस के लिए समर्थन का ‘तूफान’ आने वाला है और यह विश्वास जताया कि लोग पार्टी की जीत सुनिश्चित करेंगे। इससे पहले, राहुल गांधी ने ‘गिग वर्कर्स’ (ऑनलाइन मंच के लिये काम करने अस्थायी कर्मी), श्रमिकों और ऑटोरिक्शा चालकों के साथ भी संवाद किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में एक कल्याण बोर्ड स्थापित करने और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए 12,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के साथ-साथ एकल परमिट नीति लागू करने और 50 प्रतिशत छूट पर लंबित ट्रैफिक चालान का निपटान करने का वादा किया गया है। बाद में, उन्होंने शहर में एक ऑटोरिक्शा में भी सवारी की। राहुल गांधी ने ‘गिग वर्कर्स’ के लिए बीमा और एक कल्याण बोर्ड का भी वादा किया और कहा कि शहर के सफाई कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा और समय पर वेतन वृद्धि दी जाएगी। 

ये भी पढ़ें - राजस्थान: शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हुआ मतदान

अभी नौकरी पाओ