बरेली: दोबारा ब्याह रचा लिया मगर विधवा पेंशन लेना नहीं छोड़ा, लगाई गई रोक

छह ब्लॉकों में हुए सत्यापन से सामने आई असलियत, 50 मृत महिलाओं के खातों में भी जा रही थी पेंशन, 20 लाभार्थी अपने पते पर नहीं

बरेली: दोबारा ब्याह रचा लिया मगर विधवा पेंशन लेना नहीं छोड़ा, लगाई गई रोक

बरेली, अमृत विचार : रामनगर ब्लॉक के गांव गोठा खंडुआ में नवविवाहित महिलाओं को विधवा पेंशन दिए जाने का मामला सामने आने के बाद दूसरे ब्लॉकों में शुरू हुई जांच में भी एक के बाद एक गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इनमें कई मामले दोबारा शादी कर चुकी महिलाओं के भी लगातार विधवा पेंशन लेने के हैं तो 50 से ज्यादा केस स्वर्ग सिधार चुकी महिलाओं के खातों में भी विधवा पेंशन भेजे जाने के उजागर हुए हैं।

20 लाभार्थी अपने पते पर ही नहीं मिलीं। अब इन खातों में पेंशन भेजने पर रोक लगा दी गई है। अमृत विचार ने दो महीने पहले गोठा खंडुआ गांव में 46 महिलाओं के अपने पतियों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर विधवा पेंशन लेने का मामला उजागर किया था। इनमें कई महिलाएं 30 साल उम्र तक की नवविवाहित थीं।

तत्कालीन डीएम के आदेश पर जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद पेंशन बंद कर महिलाओं से ली गई धनराशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि हेराफेरी में शामिल सरकारी कर्मचारियों को इस जांच में बचा दिया गया था। तत्कालीन डीएम ने इसी दौरान जिले के सभी ब्लॉकों में विधवा पेंशन की करीब 77 हजार लाभार्थियों के सत्यापन का आदेश दिया था।

हर ब्लॉक में एसडीएम और बीडीओ समेत तीन लोगों की समिति को यह सत्यापन 15 दिन के अंदर करना था लेकिन जिला प्रोबेशन कार्यालय में अब तक मझगवां, मीरगंज, भोजीपुरा, क्यारा और फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक से ही रिपोर्ट पहुंची हैं। इस रिपोर्ट 50 से ज्यादा ऐसी लाभार्थियों के खातों में पैसा जाने का उल्लेख है जिनकी मृत्यु हो चुकी है।

12 से 15 महिलाएं दोबारा ब्याह करने के बाद भी विधवा पेंशन ले रही हैं। करीब 20 महिलाओं का पता ही गलत पाया गया। रिपोर्ट आने के बाद इन महिलाओं की पेंशन रोक दी गई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी मोनिका राणा ने बताया कि ब्लॉकाें से आने वाली सत्यापन रिपोर्ट पर कार्रवाई की जा रही है। अभी नौ ब्लॉकों से रिपोर्ट आनी बाकी है।

कुछ ही समय पहले हुए सत्यापन में सभी को बताया गया था पात्र: ब्लॉकों में हुए ताजा सत्यापन के बाद जिन महिलाओं को अलग-अलग कारणों से अपात्र या मृत बताया गया है, उन्हें कुछ ही समय पहले विभाग की ओर से किए गए सत्यापन में पात्र बताया गया था, इसी वजह से उनके खातों में लगातार विधवा पेंशन भेजी जा रही थी। इससे एक बार फिर फर्जी लाभार्थियों को पेंशन दिए जाने के मामले में विभागीय मिलीभगत का मामला उजागर हो गया है।

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