Unnao News: रेलवे स्टेशन का CCTV सर्विलांस धड़ाम, नहीं होती रिकार्डिंग...यात्रियों की सुरक्षा राम भरोसे

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Edited By Amrit Vichar
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बीते छह माह से यूपीएस की बैट्री बदलने की हो रही कवायद

उन्नाव, अमृत विचार। पीएम नरेंद्र मोदी सहित तमाम रेल अधिकारी यात्रियों को सुरक्षित व सुविधापूर्ण यात्रा का लाख दावा करें, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से सीसीटीवी सिस्टम लगा होने के बाद भी जरूरत पर फुटेज की रिकार्डिंग उपलब्ध नहीं हो सकती। जी हां आरपीएफ पोस्ट की लगातार रिपोर्टिंग के बाद भी रेलवे का एसएनटी डिपार्टमेंट रिकार्डिंग सिस्टम को क्रियाशील नहीं करा पा रहा है। इससे सर्विलांस एरिया में जेब कटिंग सहित मोबाइल चोरी की घटनाओं को खुलासा करना जीआरपी के लिए मुश्किल रहता है। 

कई साल पहले लाखों रुपये खर्च कर प्लेटफार्म सहित स्टेशन के पूरे सर्कुलेटिंग एरिया को कवर करते हुए कुछ उच्च क्षमता सहित 40 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए थे। शुरुआत में यह सीसीटीवी सर्विलांस सही ढंग से काम करता रहा। इधर बीते करीब छह माह से आरपीएफ पोस्ट में लगी स्क्रीन पर कैमरों के लाइव चित्र तो दिखाई देते हैं, लेकिन मोबाइल व अन्य सामान चोरों सहित छपटमारी सहित अन्य वारदातों को अंजाम देने वालों के सीसीटीवी फुटेज नहीं उपलब्ध हो पाते हैं। 

इससे न सिर्फ पीड़ितों को मायूसी का सामना करना पड़ता है, बल्कि रेल यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली जीआरपी को तमाम जद्दोजहद के बाद दायित्व निर्वहन में असफलताओं का सामना करना पड़ रहा है। 

जानकार बताते हैं कि आरपीएफ पोस्ट लगातार इस संबंध में जिम्मेदार एसएनटी डिपार्टमेंट को पत्राचार सहित अन्य माध्यमों से इसकी रिपोर्टिंग कर रहा है। इसके बावजूद बजट के इंतजार में विभागीय कंसल्टिंग इंजीनियर सीसीटीवी सिस्टम की बंद रिकार्डिंग शुरू नहीं करा पा रहे हैं।

Unnao Junction 1

एजीएम एसएनटी बोले 20-25 दिन में समस्या होगी दूर 

एसएनटी डिपार्टमेंट के एजीएम नितीश विक्रम के मुताबिक सिस्टम को डीजी पावर की उपलब्धता न होने से इसके संचालन को लगे यूपीएस से जुड़ी 40 बैट्रियां डीप डिस्चार्ज से खराब हो गई हैं, जिन्हें बदलने के लिए स्टीमेट तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। बजट मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज की रिकार्डिंग सिस्टम को सही किया जा सकेगा। रिकार्डिंग फेल होने से जीआरपी व आरपीएफ की दिक्कतों सहित किसी आतंकी घटना होने की की स्थिति में जवाबदेही के सवाल पर एजीएम ने कहा कि लगातार पैरोकारी की जा रही है। इसलिए 20-25 दिन में समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्नाव सहित मंडल के अन्य स्टेशनों पर भी इसी तरह की समस्या है। 

राष्ट्रीय खिलाड़ी का मोबाइल चोरी होने पर हुआ खुलासा 

शहर के मोती नगर निवासी बैडमिंटन के राष्ट्रीय खिलाड़ी अर्चित सिन्हा बीते दिनों मोबाइल चोरी के शिकार हुए हैं। जीआरपी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद उनके शिक्षक चाचा नवीन सिन्हा द्वारा सीसीटीवी फुटेज मांगने पर रिकार्डिंग फेल होने का खुलासा हुआ। जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर मोबाइल की बरामदगी के लिए सर्विलांस पर लगवाने का भरोसा दिलाया है। लेकिन घटना के तीन दिन बाद भी जीआरपी जहां की तहां खड़ी है। अर्चित के मुताबिक टिकट लेते समय मोबाइल चोरी हुआ था।  

आतंकी घटनाओं को लेकर संवेदनशील है स्टेशन 

कई साल पहले नई दिल्ली से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस के कई कोच यहां स्टेशन पर पटरी से उतर गए थे। घटना के बाद जांच एजेंसियों ने आतंकवादियों द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने को जांच में शामिल किए जाने की बात स्वीकार की थी। हालांकि स्थानीय स्तर पर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न हो पाने से इसका खुलासा नहीं हो सका था। लेकिन प्रदेश की राजधानी के साथ कानपुर महानगर से जुड़े होने से देशव्यापी अलर्ट जारी होने पर यहां प्रायः संयुक्त जांच अभियान चलाया जाता है। वहीं, पुष्पक एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर भी गहन जांच-पड़ताल हो चुकी है। इसके अलावा शहर में अनाधिकृत रूप से रहने वाले पड़ोसी देश के नागरिक गिरफ्तार हो चुके हैं।

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