रुद्रपुर: राज्य सरकार के भूखंड से हो गई करोड़ों की मिट्टी की खुदाई

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। किच्छा बाईपास मार्ग पर राज्य सरकार की भूमि पर माफियाओं द्वारा मिलीभगत कर करोड़ों की मिट्टी खुदाई का करने का मामला सामने आया है। मिट्टी खुदाई का मामला संज्ञान में आते ही डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने अपनी टीम के साथ मौका मुआयना किया और खुदाई स्थल की नपाई कर जांच शुरू कर दी है। वहीं शिकायतकर्ता ने निगम पर भूमि की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।

बताते चलें कि बीएचईएल की पूर्वी दिशा में सरकार भूखंड पड़ा हुआ। जिसकी निगरानी तत्कालीन नगर पालिका और वर्तमान नगर निगम के सुपुर्द किया गया था। बताया जा रहा है कि इस भूमि में से दक्षिण दिशा में 15 एकड़ की भूमि निगम द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए छोड़ दी गयी थी।

जिस पर किसी भी प्रकार का कूड़ा कचरा नहीं डाला जा सकता था। पिछले एक माह के अंदर मिट्टी माफियाओं ने मिलीभगत कर 15 एकड़ के भूखंड में से लगभग दो एकड़ की समतल भूमि से मिट्टी की खुदाई कर करोड़ों रुपये का लाभ प्राप्त कर लिया। इसकी भनक जिला प्रशासन व नगर निगम प्रशासन को नहीं हुई।

जब शिकायतकर्ता एवं पूर्व सभासद रामबाबू को इसकी भनक लगी तो पूर्व सभासद ने मौके का वीडियो बनाकर जिलाधिकारी से मामले की शिकायत दर्ज की। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम उदयराज सिंह के आदेश पर नायब तहसीलदार और पटवारियों की एक टीम ने खबर वायरल होने के बाद सोमवार की शाम को ही मौका मुआयना किया और मंगलवार को भी टीम ने मौका मुआयना कर भूखंड की नपाई शुरू कर दी।

टीम ने पूरे भूखंड की पैमाइश कर रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना था कि देर रात को जेसीबी के जरिए मिट्टी खुदाई का कार्य चोरी छिपे होता है और खुदाई नियम विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि एक माह के अंदर करीब 500 से अधिक डंपर मिट्टी की ढुलाई कर चुके हैं। ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि मिट्टी माफियाओं ने करोड़ों की मिट्टी बेचकर सरकार को चूना लगा दिया है। जब इस प्रकार में नगर निगम प्रशासन से पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई।

किच्छा बाईपास मार्ग स्थित करीब 15 एकड़ की भूमि को अभी तक नगर निगम ने फ्री होल्ड तक नहीं किया है। ऐसे में बिना सरकार की अनुमति और जिला प्रशासन के संज्ञान के बिना बड़े पैमाने पर मिट्टी खुदान का मामला सरकारी भूमि की मिट्टी को खुर्दबुर्द करने के समान है, जबकि मिट्टी खुदाई के कारण होने वाले गड्ढों को कूडा कचरा डालकर भरा जा रहा है। ताकि करोडों के घोटालें पर पर्दा डाला जा सके। प्रकरण में कोई कार्रवाई नहीं हुई, मामला हाईकोर्ट तक जाएगा।
-रामबाबू, पूर्व सभासद एवं शिकायतकर्ता।


नगर निगम अपनी जमीन से मिट्टी खुदाई कर वैडिंग जोन में डलवा रहा है और निगम प्रशासन की देखरेख में मिट्टी की खुदाई की गई है। ऐसे में पूर्व सभासद के आरोप निराधार हैं और किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार या मिट्टी खनन का प्रकरण नहीं है। जांच होने के बाद मामले साफ हो जाएगा। निगम अपने दायित्वों के प्रति गंभीर है।
-नरेश दुर्गापाल, एमएनए, नगर निगम

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