प्रतापगढ़: ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधानों व पंचायत सचिवों समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

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Edited By Amrit Vichar
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शिवगढ़/रानीगंज/ प्रतापगढ़, अमृत विचार। शिवगढ़ ब्लाक के सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य अधूरा होने व सरकारी धन गबन करने के आरोप लगाकर एडीओ शिवगढ़ ने पांच पूर्व प्रधान एक वर्तमान प्रधान,तीन ग्राम विकास व ग्राम पंचायत अधिकारी सहित नौ लोगों के खिलाफ रानीगंज थाने में डीपीआरओ के निर्देश पर सरकारी धन के गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है।केस दर्ज होने से हड़कंप मच गया।

शिवगढ़ ब्लाक में कार्यरत सहायक विकास अधिकारी राजेश प्रताप सिंह ने रानीगंज थाना में तहरीर देकर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें 2020 में  बुढौरा कुंभापुर गांव 7 लाख 42 हजार रूपये ग्राम पंचायत के खाते में आया था। सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्य के लिए तत्कालीन प्रधान रहे रिजवान अहमद निवासी बुढौरा कुंभापुर व ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार द्वारा 7,37469 रूपये निकाले गए। वर्तमान समय मे सामुदायिक शौचालय अधूरा है। सम्बंधित अवर अभियंता द्वारा निर्माण कार्य का मूल्यांकन किया गया तो मूल्यांकन की धनराशि 1.99 लाख किया गया,जिससे अधूरा कार्य छोडकर धन का गबन किया गया। इसी तरह सराय सेरखां गांव में सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य अधूरा छोडने व धन गबन करने का आरोप तत्कालीन प्रधान नीलम दूबे,मिसिद्दीपुर तत्कालीन प्रधान राजीव कुमार पर भी सामुदायिक शौचालय अधूरा छोडने सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगाया गया है। 

खेमईपुर के तत्कालीन प्रधान राज किशोर तिवारी, सचिव रुबी शाहू पर भी सामुदायिक शौचालय अधूरा छोडने सरकारी धनराशि गबन करने का आरोप लगाया गया है। सराय जमुनी के तत्कालीन प्रधान नौशाद अली व वर्तमान प्रधान असफाक अहमद,ग्राम पंचायत अधिकारी विकास पर सामुदायिक शौचालय पूरा न करने व धनराशि का गबन करने का आरोप लगाया गया है। डीपीआर ओ के निर्देश पर सहायक विकास अधिकारी राजेश प्रताप सिंह ने सभी आरोपितों पर सरकारी धनराशि गबन का आरोप लगाते हुए रानीगंज थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। 

बीडीओ शिवगढ़ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सामुदायिक शौचालय अधूरा छोडने व सरकारी धनराशि का गबन सामने आया है। सहायक विकास अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ रानीगंज आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं आरोपित प्रधान व पंचायत सचिवों ने आरोपों को गलत बताया है।

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