कार्रवाई : हिंदूवादी नेता के हत्यारोपियों का गैंग पंजीकृत...निशांत को बनाया गिरोह का सरगना

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बारादरी थाना क्षेत्र के ईसाइयों की पुलिया के पास 11 सितंबर को हिंदूवादी संगठन के नेता गौरव गोस्वामी की गोली मारकर हत्या करने के मामले में बारादरी पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी निशांत सोनकर उर्फ बिहारी को गैंग लीडर बनाते हुए गैंग पंजीकृत किया है। गिरोह में गैंग लीडर समेत पुलिस ने आठ बदमाशों को शामिल किया है। इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई अमल में लाने की कार्रवाई तेज कर दी है।

बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि खुर्रम गौटिया में 11 सितंबर की रात दो गुटों में झगड़े के दौरान बिशारतगंज निवासी हिंदूवादी संगठन से जुड़े नेता गौरव गोस्वामी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झगड़े के दौरान आरोपी ने उसके चेहरे पर गोली मारी थी, जिससे एक आंख बाहर तक निकल आई थी। पोस्टमॉर्टम के दौरान गौरव के सिर में 315 बोर की गोली फंसी मिली थी। अत्यधिक रक्तस्राव भी मौत की वजह बना था। मृतक के पिता छोटे लाल ने बारादरी थाने में अनस उर्फ मुलायम, नैतिक सोनकर, बिहारी उर्फ निशांत सोनकर, राजा उर्फ कपिल, अभय, शेखर, सगीर और चन्दन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया कि हिंदूवादी नेता की हत्या में आरोपी बनाए बदमाशों का गैंग पंजीकृत किया गया है। बारादरी थाना पुलिस की आख्या पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव और एसपी सिटी मानुष पारीक ने संस्तुति दी। इसके बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने आदेश जारी करते हुए मुख्य आरोपी निशांत सोनकर को गैंग लीडर घोषित कर दिया। गिरोह में नवादा शेखान निवासी चंदन, खुर्रम गौटिया के अभय, राजा उर्फ कपिल, समीर, शेखर, नैतिक सोनकर और अनस उर्फ मुलायम को गिरोह का सक्रिय सदस्य बनाया है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत जल्द दर्ज होगी नई रिपोर्ट
इंस्पेक्टर ने बताया कि गौरव गोस्वामी के फरार हत्यारोपी शेखर को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान घायल कर गिरफ्तार किया था, जबकि, अनस, समीर, चन्दन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। निशान्त सोनकर उर्फ बिहारी, राजा उर्फ कपिल, अभय ने न्यायालय के समक्ष हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया था। आरोपियों से पूछताछ में जानकारी हुई थी कि गौरव गोस्वामी को निशान्त सोनकर उर्फ बिहारी ने गोली मारकर हत्या की थी। घटना में शामिल तमंचा बरामद नहीं हो सका था। आलाकत्ल बरामद करने के लिए आरोपी को पांच घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर आलाकत्ल बरामद कर जेल भेजा गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने निशांत, चंदन, अभय, राजा, समीर, शेखर, नैतिक और अनस के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। अब गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई से बदमाशों की कमर पुलिस तोड़ने का काम करेगी।

पार्टी कर लौट रहे थे सभी दोस्त
पुलिस के मुताबिक, मनोज जमानत पर छूटा तो गौरव अपने दूसरे भाई के साथ उससे मिलने पहुंचा। तब मनोज ने जमानत पर छूटे अपने साथी आकाश व उसके दोस्तों से मिलने और पार्टी करने की इच्छा जताई। इस पार्टी में आकाश व लकी लभेड़ा के साथ उनके कुछ और दोस्त भी थे। लौटते वक्त इनकी टेंपो चालक अनस से कहासुनी हुई। नशे की हालत में तीन बाइकों पर बैठे नौ दोस्तों को अनस का पलटवार नागवार लगा। तब वे अनस का पीछा करते उसके घर तक पहुंच गए। अनस भी खुराफाती तत्वों के साथ रहता है। उसने अपने साथियों को जुटा लिया। मारपीट में जब गौरव के दोस्त हावी होने लगे तो अनस के कहने पर उसके दोस्त ने गोली चला दी, जो गौरव के चेहरे पर जाकर लगी।

एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि गौरव गोस्वामी हत्याकांड के मुख्य आरोपी सरगना निशांत के गिरोह को पंजीकृत किया गया है। गिरोह में सरगना समेत आठ बदमाशों को शामिल किया गया है। इन सभी के खिलाफ जल्द गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।

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