लखीमपुर खीरी: दूसरे दिन गन्ने के खेत में बरामद हुआ महिला का अधखाया शव

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Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। कोतवाली तिकुनिया क्षेत्र के गांव भेड़ौरी निवासी ऊषा देवी (40) का अधखाया शव रविवार को सर्च अभियान के दौरान गन्ने के खेत से बरामद किया गया। महिला को शनिवार शाम खेतों से घास काटकर घर लौटते समय बाघ ने हमला कर गन्ने के खेत में खींच लिया था। घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। गांव भेड़ौरी निवासी ऊषा देवी अन्य ग्रामीण महिलाओं के साथ  शनिवार को खेतों में घास काटने गई थीं। 

लौटते समय अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने उन पर हमला कर दिया और देखते ही देखते उन्हें गन्ने के खेत में खींच ले गया। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाया, लेकिन बाघ महिला को छोड़कर नहीं भागा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और वन विभाग व पुलिस को जानकारी दी गई। सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी नार्थ भूपेंद्र सिंह ने ग्रामीणों और पुलिस के साथ सर्च अभियान चलाया। ड्रोन कैमरों की भी मदद ली, लेकिन रात होने और खेतों में घना गन्ना होने के कारण महिला का पता नहीं चल सका।

 रविवार सुबह वन विभाग, पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान खेत के अंदर महिला का अधखाया शव बरामद हुआ। शव मिलते ही मौके पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई और गांव में मातम पसर गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाघ की मौजूदगी के संकेत मिलने की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी बाघ की चहलकदमी देखी गई है, लेकिन इसके बावजूद ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।  घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने, क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले खेतों में न जाने और समूह में ही काम करने की अपील की है।

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