कलकत्ता संस्कृति से सजेगा लखनऊ में सनतकदा फेस्टिवल का 17वां सीजन, 30 जनवरी-3 फरवरी तक होगा आयोजन

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार। महिंद्रा सनतकदा लखनऊ महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जनवरी से 3 फरवरी तक कैसरबाग स्थित सफेद बारादरी में किया जाएगा। महोत्सव में होने वाले सांस्कृतिक आयोजन बारादरी के साथ-साथ राजा रामपाल सिंह पार्क और अमीरुद्दौला लाइब्रेरी में भी होंगे। महोत्सव के संदर्भ में बुधवार को माल एवेन्यू स्थित होटल साराका में अभिनेता और निर्माता रिशाद रिजवी, महिंद्रा समूह की सांस्कृतिक विंग के उपाध्यक्ष जय शाह, नगमा परवीन और मरियम इमरान ने विस्तार से जानकारी दी।

नगमा परवीन ने बताया कि महोत्सव में तैयार की जा रही क्राफ्ट स्ट्रीट कूचा-ए-बज्म-ए-हुनर में लाइव शिल्प प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इसमें शांतनु गुहा कंथा कढ़ाई और सुहाना पटचित्र पेंटिंग बनाती नजर आएंगी। उन्होंने बताया कि मीरा और सत्ती कुकरेजा हुस्न-ए-कारीगरी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से महेश कुमार और सुनीता देवी को सम्मानित किया जाएगा।

मरियम इमरान ने महोत्सव के बावर्चीखाने के बारे जानकारी देते हुए उन व्यंजनों की जानकारी दी जो महोत्सव में आने वालों को मिलेंगे। यहां कोलकाता का एतिहासिक व्यंजन मटन गजाला भी मिलेगा जिसे नवाब वाजिद अली शाह की परपोती मंजिलत फातिमा तैयार करेंगी। इसके साथ ही यहां कोलकाता के व्यंजनों के स्टाल भी लगाए जाएंगे।

रिशाद रिजवी ने रसावल और पारम्परिक अवधी भोजन पर बात की। उन्होंने कहा कि अवधी खाना समय, धैर्य और धीमी आंच पर तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोगों के पास समय कम होता जा रहा है वैसे-वैसे हमारी खाद्य परम्पराएं भी खत्म होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव हमारी सभ्यता और परम्परा से जोड़ने का काम करते हैं। जय शाह ने बताया कि आधुनिक जीवनशैली समाज को उसकी सांस्कृतिक और पाक जड़ों से लगातार दूर करती जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्कृति को समाज से अलग नहीं किया जा सकता।

महोत्सव की थीम राब्ता लखनऊ कलकत्ता का

महोत्सव में लखनऊ और कोलकाता के सम्बन्धों पर भी बात होगी। नवाब वाजिद अली शाह लखनऊ से कोलकाता गये थे तो अपने साथ खानसामों को भी ले गये थे। इस तरह से अवधी खाने कोलकाता पहुंच गये। कोलकाता से भी कई खाने लखनऊ आये। नवाब वाजिद अली शाह ने कोलकाता में मिनी लखनऊ मटिया बुर्ज के नाम से बसाया। जहां पर आज भी खड़े हों तो पुराना लखनऊ महसूस होता है। संवाददाताओं से नवाब वाजिद अली शाह की परपोती तलत फातिमा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात की और लखनऊ-कोलकाता सम्बन्धों और खानपान के बारे में जानकारी दी।

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