डैंड्रफ, फंगस और त्वचा की समस्या से हैं परेशान तो अपनाए ये जरूरी नुसका, NBRI ने तैयार की दवाई

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Published By Muskan Dixit
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छह वैज्ञानिकों की टीम ने शोध के बाद किया तैयार

लखनऊ, अमृत विचार : डैंड्रफ, फंगस और त्वचा संबंधी कई रोगों के प्रभावी इलाज के लिए सीएसआईआर–राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) ने यूकेलिप्टस के तेल से हर्बल उपचार विकसित किया है। प्रारंभिक शोध में यह तेल त्वचा के सामान्य रोगों और रूसी (डैंड्रफ) के इलाज में कारगर पाया गया है। इसे यूकेलिप्टस आधारित एंटी-डैंड्रफ ऑयल के रूप में तैयार किया गया है, जो डैंड्रफ के प्रमुख कारण मालासेजिया फरफर फंगस के खिलाफ प्रभावी है।

मालासेजिया फरफर फंगस मानव त्वचा पर स्वाभाविक रूप से पाया जाने वाला तेलप्रेमी यीस्ट है। इसकी असामान्य वृद्धि सिर की त्वचा के तेल (सीबम) को तोड़कर ओलिक एसिड बनाती है, जिससे जलन, खुजली और त्वचा कोशिकाओं का अत्यधिक झड़ना शुरू हो जाता है। इसके कारण रूसी और सेबोरहाइक डर्मेटाइटिस जैसी समस्याएं होती हैं। वैज्ञानिकों ने यह हर्बल तेल स्टेफीलोकोकस इपीडरमीडिस बैक्टीरिया पर भी प्रभावी पाया है।

इस फार्मूलेशन को एनबीआरआई के छह वैज्ञानिक—शरद श्रीवास्तव, सत्येंद्र प्रताप सिंह, भानु कुमार, अंकिता मिश्रा, पूनम रावत और दीपाली त्रिपाठी—की टीम ने वर्षों के शोध के बाद विकसित किया। शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल फ्रंटीयर्स इन माइक्रोबॉयोलॉजी में प्रकाशित किए गए हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार डैंड्रफ दुनिया की लगभग आधी आबादी को प्रभावित करता है। अब तक मौजूद उपचार अधिकतर रासायनिक एंटीफंगल दवाओं पर निर्भर हैं, जिनके लंबे समय तक उपयोग से जलन या समस्या की पुनरावृत्ति हो सकती है। यह हर्बल तकनीक मार्क लैबोरेट्री प्राइवेट लिमिटेड को व्यावसायिक विकास के लिए हस्तांतरित की जा चुकी है और पेटेंट आवेदन भी दाखिल किया गया है।

 

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