कानपुर कुशाग्र हत्याकांड : ट्यूशन टीचर समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने कहा- मरते दम तक जेल में रखा जाए...
फफक पड़ीं कुशाग्र की मां, बोलीं- तीनों को फांसी होनी चाहिए...
कानपुर, अमृत विचार। कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में दोषसिद्ध के बाद गुरुवार को तीसरे दिन कोर्ट ने ट्यूशन टीचर रचिता समेत तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई व दो लाख 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। सजा सुनते वक्त कोर्ट ने कहा कि तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए। सजा पर यह फैसला सुनकर कुशाग्र की मां सोनिया फफक पड़ीं, और कहा कि तीनों को सजा के तौर पर फांसी होनी चाहिए। तीनों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा। अभी मेरा घाव भरा नहीं है, तीनों का उसी तरह गला दबना चाहिए।

एडीजे-11 सुभाष सिंह की अदालत ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को अपहरण व हत्या में दोषी करार दिया था। कोर्ट ने कहा था कि ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसका प्रेमी प्रभात शुक्ला और प्रेमी का दोस्त आर्यन उर्फ शिवा ने कुशाग्र का अपहरण किया। इसके बाद 30 लाख की फिरौती के लिए उसकी हत्या की। बता दें कि दसवीं के छात्र कुशाग्र की 30 अक्टूबर 2023 को हत्या की गई थी। पीड़ित पक्ष ने मामले में 14 गवाह पेश किए। दोषसिद्ध के बाद तीसरे दिन गुरुवार दोपहर कुशाग्र के हत्यारे प्रभात व आर्यन को कोर्ट लाया गया। सजा के बाद ट्यूशन टीचर समेत तीनों को जेल भेजा गया।

वहीं, कुशाग्र के चाचा ने आंसू पोछते हुए कहा कि मेरा बच्चा तो चला गया। कोर्ट में दौड़ते आंसू सूख गए। उनके बच्चे को गए ढाई साल हो गए, जबकि हत्यारे सांस ले रहे हैं। उन्हें भी फांसी होगी तभी मेरे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। फांसी की मांग के लिए हाईकोर्ट भी जाएंगे।
सीसीटीवी फुटेज से फंसे हत्यारे
एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा के संग दो लाख 10 हजार का अर्थदंड लगाया है। पुलिस ने मामले में 600 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से 14 गवाह पेश किए गए। 240 पेज की जिरह हुई। पुलिस ने वारदात से जुड़ी 112 वस्तुएं बरामद कीं। सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में दिखाया गया तो प्रभात व कुशाग्र कमरे में जाते दिखे। 30 लाख फिरौती का पत्र कुशाग्र के घर में डालते समय कैमरे में दोषी कैद हुआ था।

135वीं सुनवाई में तीनों को हुई सजा
अभियोजन की ओर से अधिवक्ता कमलेश पाठक ने बताया कि 9 फरवरी 2024 को फाइल सत्र न्यायालय भेजी गई थी। तीन मई को आरोप तय किए गए। उसकी माह सुनवाई की पहली तारीख पड़ी। सेशन कोर्ट में 711 दिनों में 134 सुनवाई हुईं। गुरुवार को 135वीं सुनवाई में दोषियों को सजा हुई। दो दिन पहले मंगलवार को रचिता को कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद उसे जेल भेजा गया।
