उत्तराखंड में बारिश के बाद बर्फबारी, सफ़ेद चादर से ढकें पहाड़, स्नोफॉल के चलते रुकी माता वैष्णो देवी यात्रा

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Published By Anjali Singh
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देहरादून। लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को मौसम ने करवट ली और उत्तराखंड के उंचाई वाले इलाकों में नए साल का पहला हिमपात हुआ जिससे कड़ाके की ठंड वापस लौट आयी। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के ज्यादातर निचले इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में भी सुबह से बारिश हो रही है। 

सरोवर नगरी नैनीताल में आखिरकार साल की पहली बारिश ने दस्तक दे दी है। शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण सरोवन नगरी की पहाड़ियां, माल रोड, स्नो व्यू, हिमालय दर्शन समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंडी फुहारें देखने को मिलीं, जिससे पूरे शहर का मौसम सुहावना हो गया।

उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर हो रही बर्फबारी से स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों के चेहरे भी खिल गए हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, औली, मसूरी, चकराता, धनोल्टी, उत्तरकाशी सहित अनेक जगहों पर हो रही बर्फबारी से सड़कें, पेड़ और मकान सब सफेद चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं। 

हिमपात के वीडियो भी लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू कर दिया जिनमें मसूरी में मॉल रोड और अन्य स्थानों पर पर्यटक उसका आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। बर्फबारी से सेब उत्पादकों सहित बागवानों के चेहरे भी खिले नजर आ रहे हैं जो लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। 

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के भीतर नैनीताल और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात होने का अनुमान जताया गया है। साथ ही तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी। विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। नैनीताल में हुई पहली बारिश ने न सिर्फ मौसम ठंडा हुआ बल्कि हिमपात और पर्यटन को लेकर नई उम्मीदें भी जगी हैं।

बारिश के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड में इजाफा हुआ है। साल की पहली बारिश को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद अब हिमपात होने की उम्मीद बढ़ गई है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है।

खासतौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात की उम्मीद से स्थानीय निवासी और पर्यटक दोनों उत्साहित नजर आ रहे हैं। वहीं इस मौसम बदलाव से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को उम्मीद है कि बारिश और संभावित बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, जिससे पर्यटन कारोबार को रफ्तार मिलेगी। पर्यटन सीजन के लिहाज से यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के उंचाई वाले इलाकों में बर्फवारी तथा निचले इलाकों में बारिश का आरेंज अलर्ट जारी किया है । कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका भी जतायी गयी है। 

टिहरी के धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी 

टिहरी जनपद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल धनोल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी ने ठंड का असर बढ़ा दिया है। पहाड़ों पर सफेद चादर बिछने से क्षेत्र का नज़ारा बेहद आकर्षक हो गया है। देर रात से ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। धनोल्टी के साथ-साथ सुरकंडा देवी, कद्दूखाल और नाग टिब्बा क्षेत्र में हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान में खासी गिरावट आई है। वहीं निचले इलाकों में हल्की बारिश से ठिठुरन बढ़ गई है। 

सीजन की पहली बर्फबारी से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। धनोल्टी के तहसीलदार बीरम सिंह पंवार ने बताया कि बर्फ हटाने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और पर्यटकों से सुरक्षित यात्रा करने का अनुरोध किया गया है। 

जम्मू-कश्मीर: माता वैष्णो देवी की पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी, यात्रा स्थगित 

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर की यात्रा खराब मौसम के कारण शुक्रवार को स्थगित कर दी गई। इस बीच त्रिकुटा पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। अधिकारियों ने बताया कि आधार शिविर कटरा के मैदानी इलाकों में भारी बारिश हुई है। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण भवन के लिए संचालित होने वाली हेलीकॉप्टर सेवा भी बुरी तरह प्रभावित रही और उसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुबह से ही कटरा आधार शिविर से यात्रा स्थगित कर दी और किसी भी नए जत्थे को भवन की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों का कहना है कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए मौसम की स्थिति बिगड़ने पर यह कदम उठाया गया है। श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय मौसम विभाग के परामर्श और परिस्थितियों में सुधार होने के बाद ही लिया जाएगा। 

फिलहाल मार्ग पर मौसम की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने और मौसम के अनुकूल होने की प्रतीक्षा करने की सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जनवरी के महीने में अब तक लगभग 4.30 लाख श्रद्धालु गुफा मंदिर के दर्शन कर चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 18,000 से 22,000 तीर्थयात्री भवन के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 

बर्फबारी और बारिश के चलते टिहरी में 24 जनवरी को सभी स्कूल बंद 

उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल में लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए बड़ा निर्णय लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के मद्देनज़र शनिवार, 24 जनवरी को जनपद के कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय/निजी विद्यालयों तथा समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि शीतऋतु के दौरान खराब मौसम के कारण फिसलन, ठंड और अन्य जोखिमों की आशंका बनी हुई है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। 

आदेश की अवहेलना किए जाने और किसी प्रकार की घटना घटित होने की स्थिति में संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम तहत कार्रवाई की जाएगी। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को लेकर सतर्क रहें और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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