Bareilly: धरने पर डटे अलंकार अग्निहोत्री...बोले-जिलाधिकारी को जो जवाब देना है यहीं आकर दें
बरेली, अमृत विचार। पीसीएस अफसर अलंकार अग्निहोत्री मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। उनके समर्थनों ने यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने के नारे लगाए। इसके बाद काफी देर तक कलेक्ट्रेट सभागार में अलंकार अग्निहोत्री व दूसरी अधिकारियों की मीटिंग चलती रही, मगर मीटिंग के बाद बाहर निकले अग्निहोत्री ने कहा कि जिलाधिकारी को अगर कोई बात करनी है तो यहीं आकर करें।
कलेक्ट्रेट सभागार से बाहर निकले अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि बैठक में कोई बात नहीं हो पाई। जिलाधिकारी को अगर को जवाब देना है, यहीं आकर दें। उन्होंने कहा कि पहले जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट पर आने की बात कही थी, लिहाजा वह लोग गेट पर धरने से उठकर सभागार में आ गए। मगर जिलाधिकारी ने किसी कारणवश आने से इन्कार कर दिया। वह धरने पर डटे हुए हैं, जिलाधिकारी को अगर कोई जवाब देना है तो यहीं आकर दें।
दरअसल सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री के कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन की तैयारी पहले से थी। लिहाजा सुबह से ही कलेक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एडीएम कंपाउंड में मौजूद उनके आवास पर भी पहरा रहा। तत्काल आवास खाली करने की बात कहने वाले अलंकार अग्निहोत्री रात को अपने सरकारी आवास पर ही रुके। मंगलवार सुबह एडीएम कंपाउंड में पहरे के बीच उनके आवास में पहुंचने वाले मेन गेट को बंद कर दिया गया। सुबह कई अधिकारी उनके आवास पहुंचे तो वह बाहर निकले और कलेक्ट्रेट पर धरना शुरू कर दिया। काफी देर तक कलेक्ट्रेट पर उनके समर्थकों ने नारेबाजी की, इस बीच पूरा माहौल गर्मा गया। बाद में सभी धरने से उठ गए और कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक होने लगी।
दरअसल बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी बिल और प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद के शिष्यों संग अभद्रता के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने दफ्तर के बोर्ड पर अपने नाम के आगे इस्तीफा लिख दिया था। शाम को जिलाधिकारी आवास पर उन्हें बातचीत के लिए बुलाया गया। मगर डीएम आवास से बाहर निकलकर सिटी मजिस्ट्रेट ने खुद को डीएम आवास में बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया था।
हालांकि जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने आरोपों से इन्कार किया था। उन्होंने कहा था कि बंधक बनाने की बात सरासर गलत है, सिटी मजिस्ट्रेट को बातचीत के लिए बुलाया गया था। बाद में उनको बाकायदा चाय पिलाकर वापस भेजा गया है। पीसीएस अफसर के इस कदम पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया। उनको निलंबित कर शामली कलेक्टर ऑफिस अटैच किया गया। पूरे मामले की जांच मंडलायुक्त बरेली को दी गई है। अलंकार अग्निहोत्री अब अपने निलंबन के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं।
