कानपुर : छोटे उद्योग को लोन नहीं निवेश से होगा लाभ, मैन्युफैक्चिरिंग सेक्टर को सबसे अधिक होगा फायदा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

कानपुर, अमृत विचार। बजट में शहर में लगभग सवा लाख एमएसएमई सेक्टर से जुड़ी इकाइयों को भी इस बार सीधा लाभ मिला है। यह लाभ 10 हजार करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड के जरिए मिलना माना जा रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस ग्रोथ फंड से अब लोन के बजाए निवेश के जरिए इस सेक्टर को लाभ दिया जाना तय किया गया है। फिलहाल विशेषज्ञ इस फंड के नियम व शर्तों का इंतजार कर रहे हैं।

शहर में लगभग सवा लाख एमएसएमई सेक्टर की इकाइयां मौजूद हैं। इनमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी लगभग 20 फीसदी इकायां मौजूद हैं। पूरे देश के लिए स्थापित एसएमई ग्रोथ फंड का लाभ उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक शहर के साथ ही गाजियाबाद, लखनऊ व गौतमबुद्ध नगर को मिलने की बात की जा रही है। इस फंड के बारे में बताया जा रहा है कि यह फंड छोटे कारोबारियों को लोन के झँझट से छुटकारा दिलाएगा।

खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग युनिट्स को बढ़ावा दिए जाने के लिए सरकार ग्रोथ फंड के जरिए एक ऐसा सिस्टम विकसित करने का मन बना रही है जो युनिट्स में निवेश करेगी। ऐसे में वे उद्यमी जिनके पास पूंजी की क्षमता कम है और इसके बावजूद उनके पास बड़ा ऑर्डर है तो वे इस निवेश को हासिल कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युनिट के निदेशक को लोन के ब्याज और उसकी अदायगी से छुटकारा मिल सकेगा। ऑर्डर पूरा होने के बाद निवेश की गई रकम में लाभ में हिस्सेदारी के रूप में रकम चुकाई जाएगी। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से उद्यमियों का काफी लाभ हासिल हो सकेगा।

फलेगा-फूलेगा उद्योग

बजट में हुई इस व्यवस्था को शहर के लिए मुफीद माना जा रहा है। इसकी वजह कम पूंजी वाले उद्यमियों को अब बड़ा ऑर्डर पूरा करने के लिए मिलने वाली आसानी से निवेश के रूप में रकम हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के बाद घाटे में आए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को उबारने के लिए सरकार की ओर से उठाया गया यह ठोस कदम है।

एफटीए के लिए तैयारी

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का निर्यात कारोबार में बड़ा यागदान माना जाता है। इस स्थिति में सरकार की ओर से हाल ही में किए गए एफटीए के लिए निर्यात इकाइयों को सुविधा दिए जाने की यह तैयारी मानी जा रही है। निर्यात विशेषज्ञों का कहना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को ऑर्डर के अनुसार मजबूत करने और निवेश संबंधी सहायता दिए जाने को भविष्य का निर्णय माना जा रहा है।

संबंधित समाचार