टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बड़ा ट्विस्ट: पाकिस्तान के इंकार से भारत को मिलेगा बड़ा फायदा... जानें नॉकआउट में क्या होगा?
नई दिल्लीः टी20 वर्ल्ड कप 2026 (7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत-श्रीलंका में) शुरू होने में बस कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर फिर से सनसनी फैल गई है। पाकिस्तान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो (आर. प्रेमदासा स्टेडियम) में भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज मुकाबला नहीं खेलेगी।
पाकिस्तान का फैसला: भारत को वॉकओवर, 2 अंक मिलेंगे
पाकिस्तान क्रिकेट टीम ग्रुप A में भारत, नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका के साथ है। सभी पाकिस्तान के मैच श्रीलंका में न्यूट्रल वेन्यू पर होने थे (2024-25 के समझौते के तहत, जहां दोनों देश एक-दूसरे के यहां नहीं जाते)। लेकिन पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट कहा कि "टीम 15 फरवरी के मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।"
ICC नियमों के अनुसार:
- मैच न खेलने पर पाकिस्तान को 2 पॉइंट्स का नुकसान होगा (फॉरफिट माना जाएगा)।
- भारत को ऑटोमैटिक 2 पॉइंट्स मिल जाएंगे—बिना खेले!
- पाकिस्तान का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित होगा (ICC प्लेइंग कंडीशंस 16.10.7 के तहत, डिफॉल्टिंग टीम के 20 ओवर पूरे माने जाते हैं, जिससे औसत रन रेट गिरता है)।
- भारत का NRR प्रभावित नहीं होगा।
यह फैसला क्यों? राजनीतिक और सुरक्षा वजहें
पाकिस्तान का यह कदम ICC के हालिया फैसलों से जुड़ा है, जहां बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किया गया (सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत में मैच नहीं खेलने की मांग ठुकराई गई)। PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी और पीएम शहबाज शरीफ की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। पाकिस्तान इसे ICC के "दोहरे मापदंड" के खिलाफ प्रोटेस्ट बता रहा है।
ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान की राह मुश्किल
ग्रुप से सिर्फ टॉप टीमें आगे बढ़ेंगी। 2 पॉइंट्स और NRR का नुकसान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है। उन्हें नीदरलैंड्स, अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ हर मैच जीतना होगा और NRR भी मजबूत रखना होगा। एक भी हार या बारिश से उनका सफर खत्म हो सकता है।
नॉकआउट में भारत-पाक टकराव हुआ तो?
यह सबसे बड़ा सवाल है कि अगर दोनों टीमें सेमीफाइनल या फाइनल में आमने-सामने आ गईं तो क्या होगा? अभी तक ICC या PCB की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
- ग्रुप मैच में तो वॉकओवर मिलेगा, लेकिन नॉकआउट में मैच न खेलने पर ICC की सख्त कार्रवाई हो सकती है (जैसे पॉइंट्स कटौती, फाइनेंशियल पेनल्टी या टूर्नामेंट से बाहर)।
- भारत-पाक मैच ICC के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू सोर्स है (ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप)। ऐसे मैच का बॉयकॉट टूर्नामेंट की साख पर सवाल उठाएगा।
- ICC ने पहले ही "सेलेक्टिव पार्टिसिपेशन" पर चिंता जताई है और कहा है कि यह ग्लोबल स्पोर्ट की भावना के खिलाफ है, लंबे समय में असर हो सकता है।
क्रिकेट फैंस के लिए यह सस्पेंस जारी है। क्या नॉकआउट में भी यही रुख रहेगा, या समझौता होगा? आने वाले दिनों में ICC और दोनों बोर्ड्स से अपडेट्स का इंतजार रहेगा।
