UP में 4,000 मदरसों को कथित विदेशी फंडिंग की जांच अंतिम चरण में पहुंची

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में करीब 4,000 मदरसों को कथित तौर पर विदेशी फंडिंग मिलने के मामले की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अधिकारियों के मुताबिक़ जांच एजेंसियां रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रही हैं, जिसे जल्द ही राज्य सरकार को सौंपा जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ़ जांच के आगे बढ़ने के साथ ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अवैध फंडिंग की जांच सभी शैक्षणिक संस्थानों में समान रूप से होनी चाहिए, न कि सिर्फ मदरसों तक सीमित रहे। 

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में एक से अधिक जांच चल रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी ) जिसकी अगुवाई एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) के पुलिस महानिरीक्षक कर रहे हैं, जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले नौ जनवरी को यूपी अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने सभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को पत्र भेजकर जांच से संबंधित दिशा-निर्देश दिए थे। 

पत्र में कहा गया था कि मामले की जांच यूपी एटीएस कर रही है और सभी मदरसों के बैंक खातों, लेन-देन और फंडिंग के स्रोतों का सत्यापन कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया था कि कई स्थानों पर बड़े-बड़े मदरसे बनाए गए हैं, जिनके आय के स्रोत और वित्तीय विवरण स्पष्ट नहीं हैं। ऐसे मदरसों के विदेशी फंडिंग से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने-अपने जिलों में संचालित मदरसों को मिलने वाली सभी प्रकार की फंडिंग का ब्योरा उपलब्ध कराएं। 

इस बीच धर्मगुरुओं ने जांच के दायरे को लेकर आपत्ति जताई है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि मदरसों और स्कूलों के लिए समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश मदरसे दान के सहारे चलते हैं, जहां लोग शिक्षकों के वेतन और छात्रों के भोजन के लिए छोटी-छोटी रकम देते हैं। कई मदरसे मुफ्त शिक्षा देकर देश की साक्षरता दर बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं, हालांकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि का कोई स्थान नहीं है। 

वहीं, संगठन के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि विदेशी या अवैध फंडिंग की जांच पूरी तरह जायज़ है, लेकिन यह सिर्फ मदरसों तक सीमित न रहकर अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक भी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई भी संस्था नहीं है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने कहा कि मदरसों में कथित अवैध फंडिंग की जांच सरकार कर रही है। हमेशा से मदरसों की फंडिंग पर सवाल उठते रहे हैं, अब जब जांच रिपोर्ट आ जाएगी तो सबकुछ साफ़ हो जाएगा। 

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