लखनऊ में बारिश... पुल के नीचे खड़े वाहनों की दरोगा ने खींची फोटो; वायरल वीडियो से कार्यशैली पर उठे सवाल

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार: राजधानी में मंगलवार सुबह अचानक आंधी-पानी के दौरान लोहिया पथ के जियामऊ फुट ओवरब्रिज के नीचे लोग बाइक खड़ी कर भीगने से बचने के लिए खड़े हुए। इसी दौरान पुलिसकर्मी हाथ में मोबाइल लेकर चालान के लिए सभी गाड़ियों की नंबर प्लेट की फोटो खींचना शुरु कर दिया। यह देख वहां अफरा-तफरी मच गयी। लोग चालान से बचने के लिए टू-व्हीलर लेकर भागने लगे। 

इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है। सोशल मीडिया पर यूजर्स पुलिस को संवेदनहीन बताते हुए कार्यशैली पर सवाल उठाया। साथ ही तरह-तरह के कमेंट किए। वहीं, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वीआईपी मूवमेंट में सुरक्षा और मार्ग बाधित होने की दृष्टि से वाहन चालकों सामान्य रूप से हटाया गया था। किसी के वाहन का चालान नहीं हुआ।

सुबह करीब 10:15 बजे कड़ाके की ठंड में बारिश के दौरान दोपहिया वाहन चालक भीगने से बचने के लिए फुटओवर ब्रिज के नीचे खड़े थे। इस बीच पुलिस की एक जीप और एक इंटरसेप्टर का हटूर बजाते हुए पहुंची। गाड़ियों से उतरे पुलिस कर्मियों ने वाहनों की मोबाइल से फोटो खींचनी शुरु कर दी। यह देख लोग वाहन लेकर भीगते हुए भागने लगे। पुलिस ने गाड़ियां हटवा दी। पुलिसकर्मी की इस हरकत का वहां मौजूद शख्स ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

इंस्पेक्टर गौतमपल्ली रत्नेश सिंह ने बताया कि वीआईपी मूवमेंट था। लोग आधी सड़क तक गाड़ियां लेकर खड़े थे। सुरक्षा और मार्ग बाधित न हो इस दृष्टि से वाहन चालकों को पुलिस कर्मियों ने किनारे होने के लिए निवेदन किया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित आरोप पूरी तरह से गलत हैं। किसी भी वाहन का चालान नहीं किया गया।

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