ई-रिक्शा चालक संघ ने नगर निगम मुख्यालय पर किया प्रदर्शन, पार्किंग की व्यवस्था न होने से जताई नाराजगी
लखनऊ, अमृत विचार : ई-रिक्शा पार्किंग की व्यवस्था न होने से नाराज ई-रिक्शा चालक संघ ने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। चालकों का कहना है कि बीते कई वर्षों से वे नगर निगम और संबंधित विभागों से पार्किंग स्थल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पदाधिकारियों का आरोप है कि नगर निगम और आरटीओ विभाग अपनी कमियों को छिपाने के लिए पूरी जिम्मेदारी यातायात पुलिस पर डाल रहे हैं, जबकि ई-रिक्शा से जुड़ी जाम की समस्या से निपटने के लिए यातायात पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। जब तक पार्किंग और संचालन को लेकर स्पष्ट नीति लागू नहीं होगी तब तक हालात नहीं सुधरेंगे।
ई-रिक्शा चालक संघ का दावा है कि शहर में लगभग 40 से 50 प्राइवेट बैंक ई-रिक्शा के लिए 3.5 लाख रुपये तक का ऋृण दे रहे हैं, जिससे नए ई-रिक्शा फाइनेंस हो रहे हैं। वहीं सरकारी बैंकों की भागीदारी केवल 30 प्रतिशत तक सीमित है। यदि प्राइवेट बैंकों की फाइनेंसिंग पर नियंत्रण और जांच की जाए, तो ई-रिक्शा की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाया जा सकता है।
संघ ने यह भी कहा कि पिछले 8 वर्षों से ई-रिक्शा खड़ा करने के लिए स्थान की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक एक भी निर्धारित पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं कराया गया। नतीजा यह है कि शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
चालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ई-रिक्शा पार्किंग और नियमन को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संघ ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
