बजट सत्र में बिल आया तो 27 लाख बिजली कर्मी करेंगे हड़ताल, निजीकरण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान
लखनऊ, अमृत विचार : बिजली कर्मियों के 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन को लेकर प्रदेश में संघर्ष समिति, संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों का संयुक्त अभियान तेज हो गया है। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-25 पेश किया गया, तो देशभर में तत्काल लाइटनिंग एक्शन लिया जाएगा।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल बिजली कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों, श्रमिकों और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा का साझा संघर्ष है। उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण से रोजगार पर संकट आएगा और उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
समिति ने मुख्यमंत्री से पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का निर्णय निरस्त करने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि बिल जबरन पारित कराया गया, तो देशभर के लगभग 27 लाख बिजली कर्मी बिना नोटिस हड़ताल पर चले जाएंगे।
