फर्जी विवेचना का भंडाफोड़ : इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिसकर्मी निलंबित, आईजी अमित पाठक का बड़ा एक्शन

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बीमा कंपनियों से ठगी का खेल, पुलिस विवेचना में भारी गड़बड़ी उजागर

गोंडा, अमृत विचार। देवीपाटन परिक्षेत्र में सड़क दुर्घटना मामलों की विवेचना में भ्रष्टाचार और गंभीर अनियमितताओं पर पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने कड़ा रुख अपनाया है। बीमा कंपनियों की शिकायत पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट के बाद जनपद गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती में कुल 13 प्रकरणों में गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके आधार पर 1 निरीक्षक और 12 उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

वहीं 3 अन्य उपनिरीक्षकों के विरुद्ध निलंबन व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। SIT जांच में पाया गया कि कई मामलों में वास्तविक वाहन चालक को बचाने के लिए दूसरे व्यक्ति को चालक दर्शाया गया, जबकि कुछ प्रकरणों में दुर्घटना में प्रयुक्त वाहन के स्थान पर किसी अन्य वाहन को दिखाकर बीमा कंपनियों से अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया गया।

इस फर्जीवाड़े से न सिर्फ बीमा कंपनियों को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि पीड़ितों को भी न्याय से वंचित होना पड़ा।आईजी अमित पाठक ने स्पष्ट किया कि विवेचना में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है। भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी दोषियों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

किन-किन पर गिरी गाज

बहराइच: निरीक्षक अरुण कुमार (थाना हरदी) सहित उपनिरीक्षक संजीव कुमार द्विवेदी (रामगांव), अशोक कुमार जायसवाल (नवाबगंज), तेज नारायण यादव, राकेश कुमार (मटेरा), राजेश्वर सिंह (नानपारा), रूपनारायण गोड़ (रामगांव), विजय यादव, दिवाकर तिवारी (मोतीपुर) और मेहताब आलम (बौंडी) निलंबित।

  1. गोंडा: उपनिरीक्षक शेषनाथ पाण्डेय (खरगूपुर) और शशांक मौर्य (इटियाथोक) पर कार्रवाई।
  2. श्रावस्ती: उपनिरीक्षक शैलेश कुमार त्रिपाठी और प्रेमचंद (इकौना) के विरुद्ध कार्रवाई।
  3. श्रावस्ती (भिनगा): निरीक्षक योगेश सिंह और उपनिरीक्षक गुरुदेव सिंह के मामले में निलंबन की प्रक्रिया प्रचलित।

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