त्वरित टिप्पणी : मध्यम वर्ग के लिए स्थिरता के साथ राहत का बजट
यूनियन बजट 2026-27 में सरकार द्वारा आयकरदाताओं, विशेष रूप से मध्यम वर्ग और वेतनभोगी वर्ग को ध्यान में रखते हुए संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया गया है। बजट का मुख्य उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, अनुपालन को आसान करना तथा मध्यम आय वर्ग की वास्तविक आय को संरक्षित रखना प्रतीत होता है। सरकार द्वारा आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा की गई। इसके परिणामस्वरूप 1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम 2025 प्रभावी हो जाएगा।
आयकर के संदर्भ में बजट में कोई बड़ा या चौंकाने वाला परिवर्तन नहीं किया गया है, बल्कि पहले से लागू नई कर व्यवस्था को ही बरकरार रखा गया है। यद्यपि नई कर व्यवस्था में टैक्स स्लैब अपेक्षाकृत सरल है और धारा 87A के तहत मिलने वाली छूट के कारण लगभग ₹12 लाख तक की आय पर कर लगभग शून्य है। इससे मध्यम वर्ग के उन करदाताओं को सीधा लाभ मिलता है, जिनकी आय सीमित है, लेकिन महंगाई के कारण खर्चों में वृद्धि होने से बचत प्रभावित हुई है।
बजट में टैक्स रिटर्न फाइलिंग और टीडीएस व टीसीएस से जुड़े नियमों को अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर जोर दिया गया है, जिससे करदाताओं को अनावश्यक प्रक्रियात्मक परेशानियों से बचाया जा सके। मध्यम वर्ग के लिए यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से महंगाई को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है।
बजट में आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी में छूट एवं अन्य अप्रत्यक्ष करों में बड़े बदलाव से उपभोक्ताओं के दैनिक खर्चों अथवा अतिरिक्त बोझ डालने से बचाने का प्रयास किया गया है। साथ ही निजी उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया है और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष रूप से कैंसर सहित गंभीर रोगों पीड़ित मरीजों के लिए 17 दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट तथा 7 और दुर्लभ रोगों को शुल्क-मुक्त आयात योजना में शामिल किया जाने का प्रस्ताव प्रशंसनीय है।
इसके अतिरिक्त, छोटे करदाताओं के लिए निल डिडक्शन सर्टिफिकेट जैसी व्यवस्थाएं टीडीएस की अनावश्यक कटौती को रोकने में सहायक होंगी। यह उन लोगों के लिए विशेष राहत है जिनकी आय सीमित है, लेकिन तकनीकी कारणों से पहले टैक्स कट जाता था। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सरकार ने 15% की बढ़ोतरी कर रक्षा बजट को को 6.81 लाख करोड़ से 7.85 लाख करोड़ कर दिया है जो कि सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और अत्याधुनिक शस्त्रों के निर्माण विकास हेतु अति आवश्यक है। कुल मिलाकर, यूनियन बजट 2026-27 आयकरदाताओं और मध्यम वर्ग के लिए ''स्थिरता के साथ राहत'' का बजट कहा जा सकता है। सरकार का यह बजट संकेत देता है कि मध्यम वर्ग को आर्थिक विकास की धुरी मानते हुए उसकी आय, बचत और उपभोग क्षमता को संतुलित बनाए रखने का प्रयास किया गया है और बजट में हर क्षेत्र के हितधारकों का ध्यान रखा गया है।
वाणिज्य विभाग, बरेली कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. बृजवास कुशवाहा
