श्रमिकों के बच्चे भी ले सकते हैं अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा, अटल आवासीय विद्यालयों में 15 तक आवेदन
लखनऊ, अमृत विचार: श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा जहां तमाम तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं उनके बच्चे भी अंग्रेजी स्कूलों में बेहतर शिक्षा पाकर डाक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देख सकते हैं। इसके लिए प्रदेश भर में बने अटल आवासीय विद्यालयों में कक्षा छह से नौवीं कक्षा में प्रवेश के लिए 15 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। यह शिक्षा श्रमिकों की दो संतानों को पूरी तरह से निशुल्क दी जाती है। आवेदन कार्यालय में ऑफलाइन या फिर बोर्ड की वेबसाइट upbocw.in पर किया जा सकता है।
अपर श्रमायुक्त कल्पना श्रीवास्तव के मुताबिक, उप्र भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा प्रदेश में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों (मजदूरों) के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बोर्ड द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं में कन्या विवाह योजना के अंतर्गत श्रमिकों की दो पुत्रियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना के अंतर्गत प्रथम दो संतानों के जन्म पर पोषण सहायता और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक छात्रवृत्ति भी दी जाती है। इसी तरह गंभीर बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत सरकारी और सूचीबद्ध चिकित्सालयों में इलाज पर आयुष्मान भारत की धनराशि के बराबर इलाज का खर्च भी दिया जा रहा है। निर्माण कार्य में लगे मजदूर की मृत्यु या फिर दिव्यांग होने पर भी आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
श्रमिकों का पंजीकरण होना जरूरी
अपर श्रमायुक्त ने बताया कि बोर्ड की किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्माण श्रमिक का बोर्ड में पंजीकृत होने के साथ ही नवीनीकरण होना भी अनिवार्य है। नवीनीकरण नजदीकी सीएससी ई-डिस्ट्रिक्ट सेंटर, C.S.C. e-gov सेंटर अथवा बोर्ड की वेबसाइट upbocw.in के माध्यम से कराया जा सकता है। जिन श्रमिकों ने पिछले चार वर्ष या उससे अधिक समय से अपने पंजीकरण कार्ड का नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें 15 फरवरी 2026 के बाद निष्क्रिय सूची में शामिल कर दिया जाएगा। साथ ही ऐसे श्रमिकों को कोई लाभ भी नहीं मिल पाएगा।
