Moradabad : : मौसम के बदलते रंग से लोग दंग, बढ़ रही बीमारियां
मौसम के तेवर से लोग हो रहे बीमार, ओपीडी में मरीजों की भीड़
मुरादाबाद, अमृत विचार। मौसम के रंग से लोग दंग हैं। बारिश, बादल तो कभी सुबह से अच्छी धूप हो रही है। आए दिन बदलते मौसम से लोग बीमार हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम, पेट में दर्द, सांस फूलने आदि से संबंधित बीमारी के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
मौसम भी मनमौजी हो रहा है। कभी बारिश, तो कभी बादल और कोहरे की वजह से सूरज के दर्शन नहीं तो अगले की दिन चटख धूप जो दोपहर में सहने लायक नहीं रह रही है। तापमान भी असंतुलित चल रहा है। इस सप्ताह हर दिन अलग अलग मौसम से लोग दंग रहे तो इसके चलते बीमारियों ने लोगों को जकड़ा। तापमान में असंतुलन के चलते बुखार, सर्दी, जुकाम व अन्य मौसमी बीमारियों की चपेट में लोग आकर सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। गुरुवार को बादल छाए रहने व कोहरे के बाद शुक्रवार सुबह से ही चटख धूप निकली। दोपहर में कड़ी धूप सहने लायक नहीं थी। स्वेटर व जैकेट पहनने के बाद धूप में रहना मुश्किल हो रहा था। तापमान भी हर दिन परिवर्तित हो रहा है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह हल्का कोहरा के बाद धूप निकल गई थी। 1 फरवरी को फिर बारिश का अनुमान मौसम विभाग की ओर से जताया गया है। हालांकि अन्य दिनों में कोहरा और ठंड का अनुमान है।
बदलते मौसम में डॉक्टरों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह
बीते दिनों हुई बारिश के कारण ठंड बढ़ने का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिससे वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि सुबह ठंड और दिन में धूप के कारण लोग कपड़ों को लेकर लापरवाही बरतते हैं। यही लापरवाही सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं को जन्म देती है। सलाह दी कि सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े जरूर पहनें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और तली-भुनी व ठंडी चीजों से परहेज करें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मौसम परिवर्तन का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन दिनों बच्चों में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और गले के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को ठंडी हवा से बचाएं और बाहर का जंक फूड देने से बचें। बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार, फल और गुनगुना पानी देना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि हल्का बुखार, जुकाम या खांसी होने पर लापरवाही न करें। साथ ही नियमित हाथ धोना, साफ-सफाई रखना और पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है।
अगले पांच दिनों का संभावित तापमान
तारीख - अधिकतम तापमान - न्यूनतम तापमान
31 जनवरी - 20 डिग्री सेल्सियस - 12 डिग्री सेल्सियस
1 फरवरी - 18 डिग्री सेल्सियस - 10 डिग्री सेल्सियस
2 फरवरी - 19 डिग्री सेल्सियस - 10 डिग्री सेल्सियस
3 फरवरी - 20 डिग्री सेल्सियस - 10 डिग्री सेल्सियस
4 फरवरी - 20 डिग्री सेल्सियस - 10 डिग्री सेल्सियस
