दिल्ली में बाइक सवार की मौत : लापरवाही पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, आरोपी ठेकेदार गिरफ्तार

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि शुक्रवार तड़के जनकपुरी में सड़क पर खोदे गए जिस गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई वहां कोई अवरोधक, चेतावनी के संकेत या सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं थे। व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल के साथ इसी 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

प्राथमिकी के अनुसार, यह गड्ढा दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और उसके ठेकेदार द्वारा आंध्र स्कूल के पास प्रोफेसर जोगिंदर सिंह मार्ग पर खोदा गया था। गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था और वहां सड़क उपायोगकर्ताओं के लिए कोई चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे।

प्राथमिकी में कहा गया है, ''सड़क के बीचोंबीच गड्ढा खोदे जाने के बावजूद वहां न तो कोई अवरोधक लगाया गया, न ही कोई चेतावनी चिह्न और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात था।''

पुलिस ने कहा कि दुर्घटना के बाद किए गए मौके के निरीक्षण से पता चला कि संबंधित अधिकारियों को खुदाई के काम की जानकारी थी, लेकिन वे बुनियादी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने में नाकाम रहे। 

प्राथमिकी में कहा गया है, ''घटनास्थल के निरीक्षण से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि गड्ढे को बिना किसी सुरक्षा उपाय के खुला छोड़ दिया गया था जिससे यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया था।'' रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी बृहस्पतिवार-शुक्रवार की रात घर लौट रहे थे कि तभी वह सीवर परियोजना के लिए खोदे गए गड्ढे में बाइक के साथ गिर गए जिससे उन्हें जानलेवा चोट आई।

पुलिस ने बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के सिलसिले में एक उप-ठेकेदार को हिरासत में लिया है। यह जानकारी शनिवार को अधिकारियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि उप-ठेकेदार राजेश प्रजापति को दुर्घटना की सूचना कई घंटे पहले दी गई थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रजापति को गिरफ्तार किए जाने की संभावना है। 

प्रजापति फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। जांच के अनुसार, उसी दरमियानी रात को इलाके से गुजर रहे एक परिवार ने देखा कि पीड़ित कमल (25) संभवत: गड्ढे में गिर गया है। उन्होंने घटनास्थल पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड और पास के एक तंबू में रहने वाले एक व्यक्ति को तुरंत इसकी सूचना दी। पुलिस ने कहा कि प्रजापति द्वारा नियुक्त सुरक्षा गार्ड ने उसी रात एक कनिष्ठ कर्मचारी को सूचित किया कि एक व्यक्ति गड्ढे में गिर गया है। 

पुलिस ने बताया कि इसके बाद कनिष्ठ कर्मचारी ने रात करीब 12 बजकर 22 मिनट पर प्रजापति को फोन किया और उन्हें मौके पर आने के लिए कहा। अधिकारियों ने बताया कि प्रजापति बाद में घटनास्थल पर पहुंचा और उसने गड्ढे के अंदर एक मोटरसाइकिल देखी, लेकिन उसने अंदर जांच नहीं की और न ही कोई और कदम उठाया। 

कैलाशपुरी निवासी और एक निजी बैंक के कर्मचारी कमल ध्यानी जब घर लौट रहे थे तभी वह सीवर पाइपलाइन परियोजना के लिए खोदे गए लगभग 15 फुट गहरे गड्ढे में गिर गए। ठेकेदार और दिल्ली जल बोर्ड के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत जनकपुरी थाने में प्राथमिकी पहले ही दर्ज की जा चुकी है। दिल्ली सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं जबकि कमल के परिवार ने जल बोर्ड की ओर से लापरवाही का आरोप लगाया है और उसकी मौत में साजिश की आशंका जताई है। पुलिस ने कहा कि जांच प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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